उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस-2021 (PCS-2021) की मुख्य परीक्षा से पहले 479 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया है। आयोग ने इन अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र रोक दिया है। अब अभ्यर्थी 23 मार्च से शुरू होने जा रही पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस-2021 (PCS-2021) की मुख्य परीक्षा से पहले 479 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया है। आयोग ने इन अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र रोक दिया है। अब अभ्यर्थी 23 मार्च से शुरू होने जा रही पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। दरअसल, यूपीपीएससी ने पीसीएस के 678 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम पिछले साल एक दिसंबर को जारी किया था। 7668 अभ्यर्थियों को मेंस परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। सभी सफल अभ्यर्थियों ने आयोग से मुख्य परीक्षा के लिए प्रधानाचार्य पद के आवेदन मांगे थे। अभ्यर्थियों को आवेदन की कॉपी के साथ तीन साल का अनुभव प्रमाणपत्र भी जमा करना था। लेकिन कई अभ्यर्थियों ने प्रमाणपत्र नहीं लगाए हैं।
सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र के साथ अनुभव प्रमाणपत्र नहीं लगाए। ऐसे कुल 479 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने प्रमाणपत्र नहीं लगाए। इन सभी के मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेशपत्र जारी नहीं किए गए हैं और न ही इन्हें अब परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा।
अन्य ग्रुप वालों के लिए भी यही नियम
आयोग के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र आयोग के साथ प्रधानाचार्य पद के लिए संबंधित वांछित अभिलेख संलग्न नहीं किए या फिर जिन अभ्यर्थियों का अनुभव प्रमाण पत्र तीन साल से कम है, उनका अभ्यर्तन निरस्त कर दिया गया है। इसी के साथ यह भी कहा गया है कि प्रधानाचार्य पद के साथ अगर वे अन्य ग्रुप की भी अर्हता धारित नहीं करते तो उन्हें भी प्रवेश नहीं मिलेगा।