तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर कांग्रेस का आत्मविश्वास 7वें आसमान पर है।
लखनऊ. तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर कांग्रेस का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। जीत तो मिली ही साथ ही 5 राज्यों में भाजपा का सफाया होने से भी कांग्रेस बेहद खुद है। वह इसे बदलाव की शुरुआत बता रही है। साथ ही 2019 चुनाव में भी भाजपा का ऐसा ही हश्र होने का दावा कर रही है। लेकिन उन चुनावोंं में सपा और बसपा का क्या वो साथ लेगी इस पर कांग्रेस ने पहले ही कुछ बातें स्पष्ट कर दी है। इनमें पार्टी का साफ कहना है कि सीटों के बंटवारे के मसले पर वह किसी भी तरह का दबाव सहन नहीं करेगी। समाजवदी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश हालांकि इस मामले में नरम रवैया अपना रहे हैं, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायातवी ने न चाहते हुए भी कांग्रेस का मध्यप्रदेश में समर्थन किया है और बुधवार को प्रेस कांफ्रेस कर उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने मंसूबे भी साफ कर दिए। वहीं यूपी कांग्रेस के मीडिया हेड राजीव बख्शी ने भी 2019 चुनाव में गठबंधन व सीटों के बंटवारे पर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।
कांग्रेस ने कहा सभी दल यह समझ लें-
राजीव बख्शी ने गठबंधन में सपा और बसपा को शामिल करने की बात पर कहा कि हम अखिलेश यादव और मायावती को आमंत्रित करते हैं कि वे 2019 में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए बन रहे गठबंधन का हिस्सा बनें। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी होने के तहत उसके अपने मताधिकार हैं, जिसकी एक प्रक्रिया है। यहां गठबंधन पर कोई एक व्यक्ति निर्णय नहीं करता, बल्कि इस पर सामूहिक निर्णय लिया जाता है, ऐसे में यह जरूरी है कि सभी दलों ये समझें कि एक लोकतांत्रिक पार्टी में कार्यकर्ता से लेकर अध्यक्ष तक को चुना जाता है।
कांग्रेस नहीं आएगी किसी तरह के दबाव में-
वहीं सीटों के बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बात तो है कि हम उत्तर प्रदेश में कई वर्षों से सत्ता में नहीं हैं, लेकिन एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते सभी से राय लेकर ही हम आगे बढ़ेंगे। गठबंधन में कितनी सीटें मिलेगी, यह पार्टी तय करेगी, लेकिन यूपी में गठबंधन को लेकर कांग्रेस किसी के तरह के दबाव में नहीं आएगी।