Coronavirus- अस्पतालों और श्मशानों के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोग
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ. राजधानी लखनऊ के बैकुंठ धाम में रखी अस्थियों से अंदाया जा लगाया जा सकता है, कोरोना काल में कितनों ने अपनों को खोया है। लाशों के अंतिम संस्कार के लिए घाट पर जगह नहीं मिल रही। सिफारिश और जुगाड़ से नम्बर आ भी गया तो लकड़ियों के लिए छीना-झपटी। दबाव इतना कि अधजली लाशों के ऊपर दूसरे शव को अंत्येष्टि के लिए रख दिया जा रहा। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में जीवन की उम्मीद लिए लंबी कतारें लगी हैं। एक-एक बेड के लिए मारा-मारी है। बदहाल चिकित्सा व्यवस्था से व्यथित होकर सरकार में शामिल मंत्री जीवन बचा लेने की मिन्नतें कर रहे हैं। यह हालात राजधानी लखनऊ का है। यहां कोविड संक्रमण ने पूरी व्यवस्था को ही कतार में खड़ा कर दिया है।
केजीएमयू, एसजीपीजीआइ हो फिर एरा और टीएन मिश्र मेडिकल कॉलेज, सभी की चौखट पर उखड़ती सांसों की कतारें हैं। मरीजों से बेड फुल हैं। बरामदों तक में जीवन की भीख मांगती जिंदगियां पसरी हैं। कोई हांफ रहा है तो कोई निस्तेज पड़ा है। कोई अकेले आया है तो किसी को कोई परिजन छोड़ गया है। वेंटिलेटर किसी भी जगह खाली नहीं हैं, फिर भी हर मरीज और उसके परिजन कोविड थ्री लेयर के वार्ड में भर्ती होना चाहते हैं।
मंदिरों में भी कतारें
नवरात्रि के पहले दिन कुछ साहसी और अति आस्थावान मंदिरों में मातारानी के दर्शनों को पहुंचे। यहां भी कतारें दिखीं। कोरोना से निजात के लिए कुछ मंदिरों मे विशेष पूजा भी की गयी।
संक्रमण की चपेट में लखनऊ समेत पूरा यूपी
उत्तर प्रदेश सहित पूरा देश कोरोना संक्रमण की चपेट में है, लेकिन दिन पर दिन लखनऊ की हालत भयावह होती जा रही है। रोजाना बढ़ रहे नये मरीजों की संख्या और मृतकों के आंकड़े डरा रहे हैं। मंगलवार को लखनऊ में कोरोना के रिकॉर्ड 5382 नये मामले सामने आये। वहीं, पूरे यूपी में 24 घंटों में 18,021 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सूबे में अब तक कुल 9,309 लोग कोरोना की वजह से काल के गाल में समा चुके हैं। अब यूपी में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 95,980 पहुंच गई है।
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