लखनऊ

उन्नाव रेप पीड़िता सड़क हादसा: डीजीपी ने कहा पीड़िता ने खुद ही सुरक्षाकर्मी को आने से किया था मना

- उन्नाव रेप पीड़िता सड़क दुर्घटना पर DGP OP SIngh का बयान - पीड़िता की सुरक्षा पर दिया बयान - यह सजिश नहीं पूरी तरह से ट्रक एक्सीडेंट है

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Jul 29, 2019
उन्नाव सड़क हादसा: डीजीपी ने कहा पीड़िता ने खुद ही सुरक्षाकर्मी को आने से किया था मना

लखनऊ. उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता के सड़क हादसे के मामले ने तूल पकड़ ली है। रायबरेली में जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही पीड़िता की गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मारी। हादसे में पीड़िता के साथ वकील, उसकी चाची और मासी थीं। हादसे में दोनो महिलाओं की मौत हो गई जबकि पीड़िता और वकील की हालत नाजुक है। जिस ट्रक के टक्कर मारने से हादसा हुआ उसके नंबर प्लेट पर काला पेंट किया हुआ था और पीड़िता के साथ सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे। इस पर डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) का कहना है कि पीड़िता ने खुद ही अपने साथ सुरक्षाकर्मियों को आने से मना किया था।

पीड़िता ने खुद ही मना किया था सेक्योरिटी

डीजीपी ने कहा है कि पीड़ित परिवार की सेक्योरिटी में किसी तरह की कोई कमी नहीं थी। कार में जगह न होने से पीड़िता ने खुद ही सेक्योरिटी को अपने साथ आने से मना कर दिया था। जांच से पता चला है कि यह पूरी तरह से ट्रक के टक्कर मारने से दुर्घटना हुई। ट्र्क ड्राइवर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीजीपी ने कहा है कि अगर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग करता है, तो मामले को सीबीआई को सौंप भी सौंपा जाएगा।

लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर चल रही सासें

रविवार देर शाम हुई घटना के बाद पीड़िता और उसके वकील को किंग जॉर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया। दोनों को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि पीडि़ता की कई हड्डियां टूटी गई हैं। सिर में चोट आई है। बहुचर्चित उन्नाव रेप कांड में पीड़िता और वकील की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दुष्कर्म के मामले में भारतीय जनता पार्टी के विधआयक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं। वह इस मामले में सीतापुर जेल में बंद हैं।

ट्रक और कार की होगी फोरेंसिक जांच

इस मामले पर लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्णा ने बताया कि पीड़िता की कार को छोकर मारने वाली ट्रक को जब्त कर लिया गया है। ड्राइवर और मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रक और कार की फोरेंसिक जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पीडि़त परिवार ने खुद ही सुरक्षाकर्मी को साथ न आने के लिए कहा था क्योंकि कार में जगह कम थी। यह भी जांच का मामला है। इसकी जांच की जाएगी। पीडि़ता रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से रविवार को चाची, गांव की एक महिला तथा वकील के साथ मिलने जा रही थी। इसी दौरान इनकी कार को ट्रक ने टक्कर मार दी।

Updated on:
31 Jul 2019 01:41 pm
Published on:
29 Jul 2019 12:23 pm
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