
UP में गर्मी OUT OF CONTROL (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Heatwave Alert: उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी लखनऊ में रविवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने इस सीजन का नया रिकॉर्ड बना दिया। तेज धूप और झुलसाती लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं।
प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का सबसे अधिक प्रकोप देखने को मिला। बांदा में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में सबसे अधिक रहा। यह तापमान अप्रैल महीने के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है और वर्ष 2022 की भीषण गर्मी की याद दिला रहा है।
केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। राजस्थान के बाड़मेर में पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि महाराष्ट्र के अमरावती में 45.6 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के ही प्रयागराज में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर देश में चौथे स्थान पर रहा, वहीं वाराणसी में भी पारा 45 डिग्री के पार चला गया।
प्रदेश के कई जिलों में लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मेरठ, आगरा, वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज सहित कई जिलों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी लू से राहत मिलने की संभावना कम है और 27 अप्रैल तक हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्रयागराज में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया था और बांदा में अप्रैल का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। लगातार दूसरे दिन भीषण गर्मी के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है।
दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी लोगों के लिए राहत नहीं दे रहा है। कई जिलों में “उष्ण रात्रि” (हॉट नाइट) की स्थिति बनी हुई है, जिसमें रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रहता है। इससे लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
भीषण गर्मी के कारण शहरों और कस्बों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या भी सामने आ रही है। पानी की किल्लत भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अधिक समय तक धूप में रहने से चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग दिन के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और सिर को ढककर ही बाहर जाएं।
हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ राहत की उम्मीद भी जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी हो सकती है। मई के शुरुआती दिनों तक यह असर बना रह सकता है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही, लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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Updated on:
26 Apr 2026 03:12 pm
Published on:
26 Apr 2026 03:11 pm
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