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UP Heatwave: उत्तर प्रदेश में गर्मी का कहर: लखनऊ 42.9 डिग्री पर पहुंचा, लू से लोग बेहाल

UP Heatwave Warning:   लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है, 42.9 डिग्री तापमान और लू के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित, बिजली और पानी संकट ने बढ़ाई परेशानी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 26, 2026

लखनऊ में पारा 42.9 डिग्री, झुलसाती लू ने जनजीवन किया बेहाल (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

लखनऊ में पारा 42.9 डिग्री, झुलसाती लू ने जनजीवन किया बेहाल (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP heatwave alert: उत्तर प्रदेश में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान से बरसती आग और तेज गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं मानो जून-जुलाई की तपती गर्मी अभी से दस्तक दे चुकी हो।

शनिवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन के समय चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने सड़कों को सूना कर दिया। दोपहर के वक्त शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे।

प्रदेश के अन्य जिलों की बात करें तो बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित नजर आया। बांदा में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया। यह तापमान अप्रैल महीने के लिए अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतनी भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ कई अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। बिजली की बढ़ती मांग के चलते कई इलाकों में कटौती शुरू हो गई है। लगातार पावर कट और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। घरों में पंखे और कूलर ठीक से नहीं चल पा रहे, जिससे गर्मी और अधिक असहनीय हो रही है।

इसके अलावा पानी की किल्लत भी गंभीर होती जा रही है। कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां जल स्रोत तेजी से सूखते जा रहे हैं।

बढ़ते तापमान के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। गर्मी के कारण हवा में धूल और प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों ने खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, इसके बाद हल्की राहत मिलने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, मई के पहले सप्ताह में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल छाने से तापमान में गिरावट आ सकती है।

गर्मी के इस प्रकोप से निपटने के लिए प्रशासन ने भी कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को ढककर बाहर निकलने की हिदायत दी गई है।

चिकित्सकों ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है। उनका कहना है कि तेज धूप में अधिक देर तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में तुरंत छांव में जाकर आराम करना और पानी या इलेक्ट्रोलाइट लेना जरूरी है।

शहर के कामकाजी वर्ग पर भी गर्मी का गहरा असर पड़ रहा है। रिक्शा चालक, मजदूर, डिलीवरी बॉय और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। तेज धूप में काम करना उनके लिए मजबूरी है, लेकिन इससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई अभिभावकों ने स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियों की मांग की है। कुछ निजी स्कूलों ने समय में परिवर्तन भी किया है, ताकि बच्चों को दोपहर की गर्मी से बचाया जा सके।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की अत्यधिक गर्मी की घटनाएं अब पहले से ज्यादा आम होती जा रही हैं। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

फिलहाल, प्रदेशवासियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस भीषण गर्मी से खुद को सुरक्षित रखना है। प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए ही इस संकट से बचाव संभव है। आने वाले दिनों में मौसम में कुछ राहत की उम्मीद जरूर है, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है।