
अखिलेश यादव के ट्वीट को जनता गंभीरता से नहीं लेती: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Union Minister Piyush Goyal Statement in Lucknow: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादवपर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब उनके बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को आज भी वह दौर याद है जब विकास की गति धीमी थी, कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते थे और प्रदेश में संतुलित विकास का अभाव दिखाई देता था।
लखनऊमें पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा किए जाने वाले ट्वीट और राजनीतिक टिप्पणियां अब जनता को प्रभावित नहीं करतीं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता पिछले वर्षों के शासन और वर्तमान परिस्थितियों की तुलना स्वयं कर रही है और इसी आधार पर अपनी राय बना रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी निर्णायक होती है और वह किसी भी सरकार या राजनीतिक दल के कार्यकाल को लंबे समय तक याद रखती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों ने विकास, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में आए बदलावों को करीब से देखा है।
पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश विकास की कई संभावनाओं से वंचित रह गया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हो पाए। यही कारण है कि जनता ने बाद में बदलाव का फैसला किया।
अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने कानून व्यवस्था के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में प्रदेश में अपराध और अराजकता को लेकर लगातार चर्चाएं होती थीं। आम नागरिकों और व्यापारिक वर्ग में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती थीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है और निवेशक प्रदेश में आने के लिए उत्साहित हैं। इसका एक बड़ा कारण बेहतर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था है। उनके अनुसार जब किसी राज्य में सुरक्षा का माहौल मजबूत होता है, तभी वहां उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ते हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल समाज को विभिन्न वर्गों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन अब जनता ऐसे प्रयासों को समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों और क्षेत्रों का समान विकास सुनिश्चित करना है। चाहे शहर हों या गांव, पूर्वांचल हो या पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हर क्षेत्र में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। यही कारण है कि सरकार की योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में हो रहे औद्योगिक निवेश, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, हवाई अड्डों के विस्तार और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक नीतियों के कारण बड़ी संख्या में निवेशक उत्तर प्रदेश में रुचि दिखा रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
पीयूष गोयल ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास विकास के मुद्दों पर कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह सोशल मीडिया और बयानबाजी के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि जनता केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले कामों को महत्व देती है। यही कारण है कि विकास, सुशासन और पारदर्शिता जैसे मुद्दे आज राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर आने वाले समय में और तेज हो सकता है। प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपने-अपने राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं।
पीयूष गोयल का यह बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें भाजपा विकास और सुशासन के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रख रही है, जबकि विपक्ष सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषण करने वाले मनोज उपाध्याय के कहा कि उत्तर प्रदेश देश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। ऐसे में यहां के नेताओं के बयान राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनते हैं। पीयूष गोयल द्वारा अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर किया गया यह हमला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर सत्तापक्ष अपने विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता के सामने रख रहा है, वहीं विपक्ष सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक मुकाबला और अधिक तीखा होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल कहते हैं, "उत्तर प्रदेश के लोग न तो अखिलेश यादव के ट्वीट्स को गंभीरता से लेते हैं, न ही उन पर भरोसा करते हैं। मेरा मानना है कि जिस तरह से उन्होंने उत्तर प्रदेश को विकास से दूर रखा, कानून-व्यवस्था को बिगड़ने दिया, बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा दिया, और पूरे राज्य में संतुलित विकास सुनिश्चित करने में विफल रहे, उसे जनता नहीं भूली है..."
संबंधित विषय:
Updated on:
11 Jun 2026, 10:27 AM IST
Published on:
11 Jun 2026, 10:18 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.