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UP पुलिस में ऐतिहासिक भर्ती: 60,244 नए सिपाही शामिल, लखनऊ में भव्य परेड, सीएम योगी ने बढ़ाया मनोबल

UP Police New Constables: लखनऊ में भव्य पासिंग आउट परेड के साथ यूपी पुलिस को 60,244 नए सिपाही मिले, सीएम योगी ने सलामी ली और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने का भरोसा जताया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 26, 2026

लखनऊ में भव्य पासिंग आउट परेड: सीएम योगी ने ली सलामी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

लखनऊ में भव्य पासिंग आउट परेड: सीएम योगी ने ली सलामी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Police Gets 60,244 New Constables: उत्तर प्रदेश पुलिस को रविवार को एक बड़ी मजबूती मिली, जब प्रदेशभर में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान 60,244 नए सिपाहियों ने शपथ लेकर सेवा में प्रवेश किया। राज्य के 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ आयोजित इस समारोह ने पुलिस विभाग के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड की सलामी ली और नवप्रशिक्षित जवानों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण करते नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से महिला जवानों की टुकड़ियों की सलामी ली, जो इस बार बड़ी संख्या में शामिल थीं। समारोह में डीजीपी राजीव कृष्ण, लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक भर्ती और प्रशिक्षण का विस्तार

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल भर्ती नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू आम बात थे, वहीं अब पुलिस इतनी सक्षम हो चुकी है कि दंगों को होने से पहले ही रोक दिया जाता है।

सीएम ने कहा कि पहले प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3 हजार के आसपास थी, लेकिन आज यह बढ़कर 60 हजार से अधिक हो गई है। यह बदलाव सरकार की प्राथमिकताओं और पुलिस सुधारों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि नए सिपाहियों को आधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें इंसास राइफल जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

इस पासिंग आउट परेड की खास बात महिला सिपाहियों की बड़ी भागीदारी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला कार्यबल को 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। उन्होंने 20 प्रतिशत बेटियों की अनिवार्य भर्ती के निर्णय को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

सीएम योगी ने कहा, “जहां बेटियां होंगी, वहां मैं जरूर जाऊंगा।” उन्होंने महिला सिपाहियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति पुलिस बल को और अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाएगी।

कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीति अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में “गुंडा टैक्स” और अवैध वसूली जैसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों में पुलिस का खौफ है और कानून का राज स्थापित हो चुका है।

उन्होंने नवप्रशिक्षित सिपाहियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपराधियों के प्रति कठोर और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहें। यही एक आदर्श पुलिसकर्मी की पहचान है।

पुलिस बल का बढ़ता मनोबल और संसाधन

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के मुकाबले पुलिस बजट में तीन गुना वृद्धि की गई है, जिससे पुलिस बल को आधुनिक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और मजबूत नेतृत्व के कारण आज यूपी पुलिस देश की बेहतरीन पुलिस बलों में गिनी जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2019-20 से महिला सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। हर थाने में “मिशन शक्ति केंद्र” स्थापित किए गए हैं और पीएसी की तीन महिला बटालियन भी गठित की गई हैं।

अनुशासन और प्रशिक्षण का महत्व

सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की यूनिफॉर्म केवल एक पहचान नहीं, बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा, “प्रशिक्षण में जितना अधिक पसीना बहाओगे, भविष्य में उतना ही कम खून बहाना पड़ेगा।” उन्होंने उम्मीद जताई कि नवप्रशिक्षित सिपाही यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।

फील्ड ड्यूटी के लिए तैयार जवान

पासिंग आउट के बाद अब सभी प्रशिक्षु सिपाही फील्ड ड्यूटी के लिए तैयार हैं। इनकी तैनाती प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जाएगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

यह ऐतिहासिक भर्ती न केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को भी नई मजबूती देगी। आम जनता को इससे बेहतर सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और अपराधियों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।