Free travel with smart cards : उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की तरफ से दिव्यांगों को जल्द ही रोडवेज बसों में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से मुफ्त सफर करने की सुविधा मिलने जा रही है। इस स्मार्ट कार्ड को बस कंडेक्टर के इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन में स्वैप करते ही जीरो मूल्य का टिकट निकल जाएगा।
Free travel in roadways buses with smart cards : योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की तरफ से दिव्यांगजनों को जल्द ही रोडवेज बसों में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से मुफ्त सफर करने की सुविधा मिलने जा रही है। परिवहन निगम मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पर आधारित इस स्मार्ट कार्ड को बस कंडेक्टर के इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन में स्वैप करते ही जीरो मूल्य का टिकट निकल जाएगा। जिसके बाद दिव्यांगजन मुफ्त बस यात्रा कर सकेंगे। इस मुफ्त यात्रा का डाटा परिवहन निगम के पास पहुंच जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दिव्यांगों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्राप्त है। 40 प्रतिशत या इससे अधिक की दिव्यांगता वाले लोगों को मुफ्त यात्रा का लाभ मिलता है। वहीं, 80 फीसदी या अधिक दिव्यांगता वाले के एक साथ एक अन्य को भी मुफ्त बस सेवा की सुविधा मिलती है। वर्तमान की व्यवस्था में दिव्यांगों को अपना प्रमाण पत्र कंडक्टर को दिखाना होता है। जिसके बाद कंडक्टर मैनुअली यात्रा का विवरण लिखते हैं। इस कारण कई बार कंडक्टर से गलती भी होती है। साथ ही कई बार प्रमाण पत्र को लेकर दिव्यांगों और कंडक्टर के बीच विवाद भी होते हैं।
आधार नंबर से भी जुड़ेगा स्मार्ट कार्ड
अब परिवहन निगम दिव्यांगों की समस्याओं के हल के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग से दिव्यांगों की लिस्ट परिवहन निगम ने मांगी है, जिसके आधार पर स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। इन स्मार्ट कार्ड को दिव्यागों के आधार नंबर से जोड़ा जाएगा।
एक महीने में बनाए जाएंगे स्मार्ट कार्ड
परिवहन निगम के प्रधान आईटी प्रबंधक यजुवेंद्र कुमार ने बताया कि स्मार्ट कार्ड बनने से दिव्यांगों लाभ होगा। यात्रा के दौरान उन्हें अन्य दस्तावेज नहीं, सिर्फ स्मार्ट कार्ड ले जाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि एक महीने में सभी औपचारिकताएं पूरी कर कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद दूसरी श्रेणी के मुफ्त यात्रा स्मार्ट कार्ड बनाने पर विचार किया जाएगा।