प्रवर्तन निदेशायल के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का वीआरएस मंजूर हो गया है। सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट से उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनका वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) स्वीकृत कर लिया है।
प्रवर्तन निदेशायल के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का वीआरएस मंजूर हो गया है। सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट से उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनका वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) स्वीकृत कर लिया है। जल्द ही वह राजनीति में शामिल होने वाले हैं। इससे पहले भी उन्हें लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि राजेश्वर सिंह बीजेपी में शामिल होंगे और आगामी चुनाव में सुल्तानपुर या लखनऊ की किसी सीट से लड़ सकते हैं।
बीजेपी टिकट से बन सकते हैं उम्मीदवार
संभावना जताई जा रही है कि राजेश्नप सिंह यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर सुल्तानपुर से उम्मीदवार बन सकते हैं। उन्होंने एक पत्र लिखकर बताया था कि, 'पीएम मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय जेपी गुड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह संकल्प लिया है कि भारत को विश्व शक्ति और विश्व गुरु बनाना है। मैं भी इस मिशन का भागीदार बनूंगा और दृढ़ विश्वास में योगदान दूंगा।' उन्होंने आगे कहा कि अपने कार्यकाल में महिलाओं, बच्चों और पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश की है।
कई बड़े केस का रहे हैं हिस्सा
सिंह ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया कि उन्होंने राष्ट्रीय प्रभाव और सार्वजनिक महत्व के कई घोटालों का खुलासा किया और कई जांच का हिस्सा भी रहे। इसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील, एसरसेल मैक्सिम स्कैम, नोकिया पोंजी घोटाला, आम्रपाली घोटाला, गोमती रिवर फ्रंट फ्रॉड आदि शामिल है।