विवेक तिवारी हत्याकांड: पूर्व डीजीपी का बड़ा बयान, कहा- निलंबन की कार्रवाई नहीं बर्खास्तगी हो
लखनऊ. राजधानी में बहुचर्चित विवेक हत्याकांड के बाद अारोपी के समर्थन में आए सिपाहियों ने पहले हाथ में पट्टी बांधक विरोध प्रदर्शन किया अौर अब 10 अक्टूबर को काला दिवस मनाने की तैयारी में हैं। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मेरठ द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। वहीं इस मामले में यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक हिंदी चैनल से बातचीत में कहा कि पुलिस विभाग में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जाना एक बहुत बड़ी अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा कि अब एेसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं सीधे एेसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करनी चाहिए।
विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ खुफिया रिपोर्ट के आधार पर गैंगस्टर और एनएसए के तहत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व डीजीपी ने दावा करते हुए कहा कि इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे से लेकर समाज में एक संदेश जाएगा। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने लखनऊ की घटना का जिक्र करते हुए बताते हैं कि मेरे कार्यकाल के दौरान कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने बगावत का बिगुल पुलिस विभाग के खिलाफ फूंका था। हमने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खुफिया रिपोर्ट के आधार पर गैंगस्टर और एनएसए की कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन और आरोपी सिपाही के लिए चंदा इकट्ठा करना हम इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हुआ है, जिसमें अपील की गई है कि 10 अक्टूबर को पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। इसे लेकर मेरठ खुफिया विभाग के एक अधिकारी का पत्र भी वायरल हो रहा है। जिसमें सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद के मंडलाधिकारियों से इस पर निगाह रखने का निर्देश दिया गया है। इसे देखते हुए डीजीपी की ओर से भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस सन्दर्भ में पहले ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।