सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रही है कि केस के गवाह रहे कुलदीप सिंह का शनिवार अपहरण हो गया था
लखनऊ. तन्वी सेठ पासपोर्ट मामले की गुत्थी दिन प्रतिदिन उलझती जा रही है। इस केस में अब एक नया मोड़ आया है। सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रही है कि केस के गवाह रहे कुलदीप सिंह का शनिवार अपहरण हो गया था। हालांकि, वे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागने में कामयाब रहे। वे इंडिया नेपाल सीम पर भागने में कामयाब हुए।
गवाह होने की वजह से हुई अपहरण की कोशिश
कुलदीप सिंह ने दावा किया है कि उनका अपहरण करने की कोशिश की गयी है। यह अपहरण इस वजह से हुआ क्योंकि तन्वी केस में वे गवाह हैं।
क्या है पासपोर्ट विवाद
गौरतलब है कि तन्वी और उनके पति अनस बुधवार को पासपोर्ट बनवाने गए थे। सीनियर सुपरिंटेंडेंट विकास मिश्रा ने तन्वी के निकाहनामे और अन्य दस्तावेजों पर सवाल उठाए थे। इस बात को लेकर दोनों में बहस छिड़ गयी, जिसके बाद तन्वी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्विट कर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने ट्विट कर इस बात की शिकायत की थी कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद गुरुवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने घंटे भर में तन्वी का पासपोर्ट बनवाकर दे दिया। एक घंटे के भीतर तन्वी सेठ का पासपोर्ट बन तो गया लेकिन पासपोर्ट वेरिफिकेशन में उनका पासपोर्ट जब्त हो सकता है।
गलत पते को लेकर भी हुआ विवाद
दरअसल, तन्वी ने नोएडा में रहते हुए लखनऊ का पता दिया है। लेकिन पता वहां का दिया जाता है जहां व्यक्ति वर्तमान में रह रहा हो। इसके सथ ही स्थायी पता भी दिया जाता है। अगर पता बदला है, तो धारक को पासपोर्ट में पता बदलवाना भी जरूरी है। इतना ही नहीं बल्कि तन्वी ने नाम बदले जाने के बाबत सही जानकारी तक दर्ज नहीं कराई थी।