
राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां फर्जी बिजली कर्मचारी बनकर दो लोग बिजली विभाग के असली इंजीनियर (एक्सईएन) के घर पहुंचे और उसी से स्मार्ट मीटर को धीमा करने की पेशकश कर डाली। इतना ही नहीं गिरोह के दोनों लोगों ने इंजीनियर से पांच हजार रुपए की मांग भी की। दरअसल दोनों इंदिरापुरम में पहुंचे और यह समझ नहीं पाए कि जिसके घर वह बैठे हैं, वो असली बिजली विभाग का इंजीनियर है। वहीं एक्सईएन ने दोनों फर्जी कर्मचारियों की हरकतों को भांप लिया और तुरंत अपने मातहतों और पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पास से आईपीएस कंपनी का आईडी और कुछ अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले फोन कर कही ये बात
जानकारी के मुताबिक, मध्यांचल निगम के अधिशासी अभियंता आईटी अरविंद सिंह का इंदिरानगर में मकान है। रविवार की शाम उनके पास सरकारी मोबाइल पर एक फोन कॉल आई। जिसमें सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि मैं प्रशांत गुप्ता बोल रहा हूं। मैंने आपके यहां मीटर लगाया था और मैं मीटर को स्लो करने में सहायता कर सकता हूं। इससे आपका बिजली बिल आधा हो जाएगा। उसने कहा कि ऐसा करने का पांच हजार रुपए लगेगा। अधिशासी अभियंता ने फर्जी गैंग के सदस्यों को घर बुला लिया। इसके अलावा इंदिरानगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता घनश्याम को भी बुला लिया।
आईपीएस कंपनी की आईडी बरामद
वहीं जब गैंग का सदस्य प्रशांत गुप्ता और दीपक मौर्य रविवार की देर शाम अरविंद कुमार के घर पहुंचे। उसी समय वहां अधिशासी अभियंता घनश्याम की टीम भी पहुंच गई। इसके बाद जब दोनों की तलाशी ली गई तो प्रशांत के पास से आईपीएस कंपनी की आईडी मिली। इसके अलावा मीटर की पॉलीकार्बन सील व मीटर सीलिंग बुक पाई गई। एलएंडटी कंपनी को 2020 में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य दिया गया था। इतना ही नहीं पड़ताल में प्रशांत के मोबाइल में मीटर छेड़छाड़ के वीडियो भी मिले। मौके पर पहुंचे लेसा अधिकारियों ने एलएंडटी के अनुज मिश्रा व आईपीएस के प्रतिनिधि जय भगवान ने प्रशांत गुप्ता की पहचान की। आरोपी प्रशांत और दीपक पर मीटर से छेड़छाड़, आईडी कार्ड का दुरुपयोग के संबंध में गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।