Toll Tax Update: टोल टैक्स में दामों की बढ़ोत्तरी तो हो गई लेकिन सुविधाएं अभी भी पस्त हैं। टोल नाकों पर सेंसर फास्ट टैग की नई दरें रीड नहीं कर पा रहा है, जिसके लिए हैंड मशीन का इस्तेमाल हो रहा। लेकिन अब टोल नाकों पर सेंसर का बदलाव हो रहा। हैंड मशीन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।
नए वित्तीय वर्ष से टोल टैक्स भले ही बढ़ा दिया गया हो लेकिन इनकी सुविधाएं जैसी तैसी हैं। हाल ये है कि उत्तर प्रदेश के तमाम टोल नाकों पर फास्ट टैग सेंसर भी ठीक स काम करना बंद कर दिया। इसके लिए कर्मचारियों को हैंड मशीन के इस्तेमाल करना पड़ता है। ये टोल नाके पर जाम की भी बड़ी वजह बन रहे हैं। सेंसर नेटवर्क नई दरों को देर से रीड करता है। एनएचाई प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एनएन गिरि के अनुसार टोल नाकों के सेंसर में बदलाव किया जाएगा। अब हैंड मशीन का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा।
31 मार्च की मध्यरात्रि से लागू टोल वृद्धि के बाद से टोल प्लाजा पर लगे सेंसर फास्टैग को क्विक रीड नहीं कर रहे हैं इसलिए टोल प्लाजा पर जाम का सिलसिला शुरू हो गया है। एनएचएआई के टोल लेन से एक मिनट से कम में वाहनों के निकलने का दावा भी फीका साबित हुआ है। दो दिन से हालात यह हो गए हैं कि टोल प्लाजा कर्मचारियों को हैण्डहेल्ड स्कैनर डिवाइस से फास्टैग को रीड करना पड़ रहा है। यह समस्या सबसे ज्यादा लखनऊ जाने के लिए नवाबगंज टोल प्लाजा में सामने आई है। साथ ही, हर टोल प्लाजा पर एनएचएआई ने चार फास्टैग सेल काउंटर खोलने का फैसला किया था लेकिन हर टोल प्लाजा पर इनकी दो से तीन ही संख्या मिली है।
ये है टोल नाकों का हाल
नवाबगंज टोल प्लाजा 13 लेन का है। प्रतिदिन औसतन 25 हजार वाहन यहां से गुजरते हैं पर यहां पर सेंसर के फास्टैग को रीड करने की सबसे ज्यादा समस्या है। दो दिन से यह समस्या दोगुना हो गई है इसलिए फास्टैग लेन में जाम भी लगने लगा है। सेंसर का नेटवर्क टोल के नए रेट को देर से रीड को कर रहा है। सेंसर को अपग्रेड करने की तैयारी की जा रही है।
अभी तक 95 फीसदी वाहनों फास्टैग लगे
एनएचएआई (NHAI) प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एनएन गिरि ने बताया कि नवाबगंज टोल प्लाजा पर सेंसर बदलने का प्लान किया गया है। जल्द ही बदल दिए जाएंगे तब टोल प्लाजा पर हैण्ड डिवाइस की जरूरत नहीं होगी। आकलन किया गया है तो पाया गया है कि अभी तक 95 फीसदी वाहनों में फास्टैग लगे हैं। 5 फीसदी अभी भी नहीं लगा रहे हैं।
सबसे महंगा बाराजोड़ टोल
बाराजोड टोल प्लाजा में लिए जा रहे सबसे महंगे टोल में चकेरी से भौंती के एलीवेटेड पुल के साथ सभी पुलों पर स्ट्रीट लाइटों से रोशनी देने का प्रावधान भी जोड़ा गया है लेकिन फिर से एलीवेटेड पुल पर अंधेरा शुरू हो गया है। पुल पर खम्बों की लाइटें मेन्टीनेंस कम्पनी सुविधानुसार चलाती है।