
लखनऊ. नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन खरीदने में लापरवाही करना डीलर और खरीददार दोनों पर भारी पड़ सकता है। इसके तहत गाड़ी खरीदने की तिथि से सात दिन के भीतर वाहन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरा करना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर डीलर और खरीददार दोनों को ही भुगतान करना पड़ सकता है। अगर डीलर ने पंजीयन की पत्रवली समय से आरटीओ नहीं भेजी और सात दिन के भीतर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया, तो उसे गाड़ी के वनटाइम टैक्स का 15 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। वहीं, अगर गाड़ी बिना नंबर के पकड़ी जाती है, तो टैक्स का एक तिहाई अर्थदंड बिना नंबर की गाड़ी पकड़े जाने के भुगतान पर होगा।
लगेगा 66,000 रुपये का दंड
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में लापरवाही पर 20 लाख रुपये कीमत के वाहन खरीददार को करीब 66,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। नियम के दायरे में वे भी आएंगे, जिन्होंने गाड़ी किसी और पंजीयन नंबर के लिए दूसरे जिले में आवेदन किया। उन्हें वन टाइम टैक्स का एक तिहाई अदा करना होगा। अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा एवं आईटी गंगाफल के अनुसार, नए एक्ट में 192बी के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में विलंब में जवाबदेही तय है।
एक अक्टूबर से बदला जाएगा डीएल और आरसी
नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद 1 अक्टूबर, 2019 से डीएल और आरसी को लेकर बदलाव होगा। पूरे देश में आरसी और डीएल का रंग, लुक, डिजाइन और सिक्यॉरिटी फीचर्स सब सेम होंगे। नए बदलाव के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेशन को लेकर कोई कंफ्यूजन की स्थिति नहीं रह जाएगी।