अफसरों की लापरवाही को देखते हुए यूपी पुलिस ने एक्शन लिया है जिसमेें विभाग के पांच लोगों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
लखनऊ. आलू किसानों का आक्रोश आज राजधानी लखनऊ की मुख्य सड़कों पर देखने को मिला। सुबह-सुबह किसानों ने राजभवन के साथ ही यूपी के सीएम आवास तथा विधान भवन के सामने सड़क पर खूब आलू फेंका और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। रास्ते भर कई क्विंटल आलू बिखरे होने से जहां अफसरों में खलबली मच गई, वहीं रातों रात गश्त करने का दावा करने वाली पुलिस व खूफियां विभाग की पोल खुल गई। अफसरों की इसी लापरवाही को देखते हुए यूपी पुलिस ने एक्शन लिया है जिसमेें विभाग के पांच लोगों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
ये लोग हुए निलंबित-
यूपी पुलिस ने जारी प्रेस नोट में कहा कि उक्त घटना के लिए उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, आरक्षी अंकुर चौधरी, वेद प्रकाश, थाना हजरतगंज एवं आरक्षी कोमल सिंह, नवीन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए प्रारंभिक जांच कराई जा रही है। यूपी पुुलिस का यह भी कहना है कि उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के स्थानीय नेताओं से इस बात पर चर्चा की, लेकिन उन्होंने इस मामले में शामिल होने से साफ इंकार किया है। वहीं मामला सामने आने के बाद लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि आलू फेंकने वालों किसानों और वाहनों की पहचान हो गई हैं। इन लोगों के खिलाफ उचित धाराओं के तहत केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
आलू किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य-
आपको बता दें कि इस बार आलू के पैदावारी इतनी हो गई है कि किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। आलम ये है कि आलू का मूल्य गिरकर 20 पैसे प्रति किलो आ गय था। इसके चलके किसान व कोल्ड स्टोरेज मालिक आलू को फेंकने पर मजबूर हो रहे हैं। यूपी में आलू बेल्ट के नाम से मशहूर आगरा , कानपुर में पुराने आलू को तो कोई फ्री में खरीदने के लिए तैयार नहीं दिख रहा।