Gold Silver: सर्राफा बाजार में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। चांदी के भाव में लगातार गिरावट के बाद अब फिर से तेजी के संकेत मिले हैं। वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती आई है, जिससे निवेशकों और कारोबारियों की नजरें बाजार की आगामी चाल पर टिकी हैं।
Gold Price Today: सर्राफा बाजार में बीते कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खासतौर पर चांदी के भाव में आई तेज गिरावट ने व्यापारियों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि हालिया गिरावट के बाद अब चांदी और सोने दोनों में फिर से तेजी के संकेत मिलने लगे हैं, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।
बीते सप्ताह तक चांदी के दामों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर मांग, डॉलर की मजबूती और औद्योगिक उपयोग में अस्थायी सुस्ती के चलते चांदी के भाव दबाव में रहे। खुदरा बाजार में चांदी के दामों में आई इस गिरावट का सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ा।
सर्राफा एसोसिएशन की ओर से 22 जनवरी 2026, गुरुवार को जारी रेट के अनुसार खुदरा ग्राहकों के लिए 10 ग्राम सोने के भाव इस प्रकार रहे.
ज्वेलरी चांदी: ₹3,09,000 प्रति किलो
इन भावों में गिरावट का असर खासतौर पर शादी-विवाह और ज्वेलरी सेक्टर में देखने को मिला, जहां ग्राहक फिलहाल कीमतों के और नीचे आने की प्रतीक्षा करते नजर आए।
सर्राफा बाजार से जुड़े व्यापारी विनोद महेश्वरी के अनुसार,चांदी के दामों में हालिया गिरावट अस्थायी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैसे ही औद्योगिक मांग में सुधार आएगा, चांदी के भाव दोबारा मजबूती पकड़ सकते हैं।”उन्होंने बताया कि मौजूदा भाव पर ज्वेलरी निर्माताओं की ओर से सीमित खरीदारी देखने को मिल रही है, जबकि निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
लगातार गिरावट के बाद अब सर्राफा बाजार में फिर से तेजी के संकेत मिल रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार-
इन भावों में आई बढ़ोतरी से साफ है कि बाजार ने निचले स्तरों से रिकवरी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की आशंका के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ रही है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में कीमती धातुओं में निवेश सोच-समझकर करना बेहद जरूरी है। कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव को देखते हुए बिना रणनीति के निवेश जोखिम भरा हो सकता है। चांदी व सोने में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय चरणबद्ध (Systematic) निवेश का हो सकता है, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की चाल पर करीबी नजर रखने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू सर्राफा बाजार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले बदलावों का सीधा प्रभाव पड़ता है। अमेरिका के ब्याज दर निर्णय, डॉलर इंडेक्स की स्थिति और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
गिरावट के दौरान जहां कुछ ग्राहकों ने मौके का फायदा उठाकर खरीदारी की, वहीं तेजी लौटने के बाद कई ग्राहक दोबारा असमंजस में नजर आए। ज्वेलर्स का कहना है कि अगर कीमतें कुछ समय तक स्थिर रहती हैं, तो बाजार में मांग फिर से रफ्तार पकड़ सकती है।