लखनऊ

Gold Smuggling: जेद्दा से आई फ्लाइट में सीट नीचे छिपा सोना बरामद, लखनऊ एयरपोर्ट पर तस्करी की आशंका गहराई

Lucknow Airport: लखनऊ एयरपोर्ट पर सऊदी एयरलाइंस की जेद्दा से आई फ्लाइट में सीट के नीचे छिपाया गया करीब 1.95 करोड़ रुपये मूल्य का 1.26 किलो सोना बरामद हुआ। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से पकड़े गए इस लावारिस सोने के मामले में तस्करी की आशंका जताई जा रही है और कस्टम विभाग जांच में जुटा है।

3 min read
Feb 09, 2026
सीट के नीचे छिपाया गया था 1.26 किलो से अधिक सोना, तस्करी की आशंका; कस्टम विभाग की जांच तेज    (फोटो सोर्स : फाइल फोटो )

Airport Gold Smuggling: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बार फिर सोना तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। सऊदी अरब के जेद्दा से लखनऊ पहुंची सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से करीब 1.95 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बरामद किया गया है। यह सोना विमान की सीट के नीचे छिपाकर रखा गया था। खास बात यह रही कि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद किसी यात्री की पहचान तत्काल नहीं हो सकी, जिससे मामला और संदिग्ध बन गया है। सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग ने लावारिस अवस्था में मिले इस सोने को जब्त कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

ये भी पढ़ें

Lucknow Airport: टेकऑफ से पहले एयर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी गड़बड़ी, लखनऊ एयरपोर्ट पर रुकी उड़ान, जांच बाद दुबई रवाना

किस फ्लाइट से मिला सोना

जानकारी के अनुसार, सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट SV-892 जेद्दा से लखनऊ पहुंची थी। यह फ्लाइट अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को लेकर नियमित रूप से इस रूट पर संचालित होती है। विमान के लैंड करने के बाद जब सुरक्षा जांच और सफाई प्रक्रिया चल रही थी, तभी यह संदिग्ध सामान मिला।

कैसे हुआ खुलासा

एयरपोर्ट पर तैनात एयर इंडिया के सुरक्षा कर्मियों की नजर विमान के अंदर एक सीट के नीचे रखे संदिग्ध पैकेट पर पड़ी। पैकेट असामान्य रूप से छिपाया गया था, जिससे शक हुआ। तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई।
जांच के दौरान पाया गया कि सीट के नीचे दो पैकेट और एक पॉलीथिन में सोना रखा गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत क्षेत्र को सुरक्षित कर कस्टम विभाग को बुलाया।

Gold Smuggling

कितना सोना मिला

कस्टम अधिकारियों द्वारा की गई जांच में कुल 1267.600 ग्राम (लगभग 1.26 किलो) सोना बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार दर के अनुसार इसकी कीमत लगभग 1.95 करोड़ रुपये आंकी गई है। सोने को विशेष तरीके से पैक कर सीट के नीचे छिपाया गया था, जिससे यह सामान्य निगाहों से बच सके। यह तरीका पेशेवर तस्करों द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति से मेल खाता है।

कोई यात्री सामने नहीं आया

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस सोने पर किसी यात्री ने दावा नहीं किया। यात्रियों की उतरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन किसी ने भी इसे अपना सामान नहीं बताया। कस्टम अधिकारियों ने फ्लाइट के यात्रियों की सूची और सीटिंग प्लान की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जिस सीट के नीचे सोना मिला, उस सीट पर कौन यात्री बैठा था और क्या उसने जानबूझकर सामान छोड़ दिया।

तस्करी की आशंका

प्रारंभिक जांच में इसे सोना तस्करी का मामला माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्कर अक्सर ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें कोई ‘कैरीयर’ सोना विमान में छिपा देता है और बाद में एयरपोर्ट के अंदर मौजूद दूसरा व्यक्ति उसे निकालने की कोशिश करता है। हालांकि इस बार योजना सफल नहीं हो सकी और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से सोना बरामद हो गया।

सीमा शुल्क विभाग की कार्रवाई

कस्टम विभाग ने सोने को जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोने की शुद्धता और संरचना की जांच कराई जाएगी। यात्रियों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। विमान क्रू और ग्राउंड स्टाफ से भी पूछताछ की जा सकती है। तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को तलाशा जा रहा है। 

सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी

एयरपोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस यात्री ने सीट के पास असामान्य गतिविधि की थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी यात्री ने जानबूझकर सीट बदलने या सामान छिपाने की कोशिश की थी।

क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय रूट पर सोने की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। सोने पर आयात शुल्क अधिक होने के कारण अवैध तरीके से इसे देश में लाने की कोशिश की जाती है। खाड़ी देशों से आने वाली फ्लाइट्स अक्सर तस्करों के निशाने पर रहती हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

हाल के महीनों में लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार सोना, विदेशी मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी की है। इससे साफ है कि निगरानी तंत्र सक्रिय है। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में किसी यात्री या नेटवर्क का नाम सामने आता है तो कस्टम एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।

ये भी पढ़ें

Budget Session 2026 : जल जीवन मिशन पर फिर घमासान तय, महोबा मुद्दे संग विधानसभा में मंत्री स्वतंत्र देव को घेरेगा विपक्ष

Also Read
View All

अगली खबर