Good News: रेलवे पेंशनरों के लिए खुशखबरी है! पूर्वोत्तर रेलवे ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 3.0 शुरू किया है, जिससे 72,545 पेंशनभोगी अब हर साल बैंक जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की झंझट से बच सकते हैं। यह पहल विशेष रूप से वरिष्ठ पेंशनरों के लिए मददगार होगी, समय और मेहनत दोनों की बचत करेगी और पेंशन प्रक्रिया को और सरल बनाएगी।
Good News: रेलवे पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें हर साल पेंशन के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 3.0 शुरू किया है, जिससे 72,545 पेंशनरों को लाभ मिलेगा। इस नई पहल से न केवल पेंशनरों का समय बचेगा, बल्कि उनकी पेंशन प्रक्रिया भी और आसान हो जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अब पेंशनभोगी ऑनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से वरिष्ठ पेंशनरों के लिए बहुत मददगार होगा, जिन्हें हर साल नवंबर में बैंक जाकर प्रमाण-पत्र जमा करने में परेशानी होती थी। डिजिटल माध्यम से यह प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो गई है। अब पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन से जीवन प्रमाण एप के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। इस सुविधा के लिए आधार कार्ड और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।
कैसे करें आवेदन?
पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:
गूगल प्ले स्टोर से 'आधारफेस आरडी (अर्ली एक्सेस)' एप्लिकेशन डाउनलोड करें।
सुनिश्चित करें कि इसका नवीनतम संस्करण (वर्तमान में 0.7.43) इंस्टॉल किया गया है।
इसके अलावा, जीवन प्रमाण एप का संस्करण 3.6.3 इंस्टॉल करना होगा।
एप के माध्यम से आधार नंबर सत्यापित करें।
अपने मोबाइल डिवाइस पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
एप में मांगी गई जानकारी भरें।
फेस रिकॉग्निशन प्रक्रिया का उपयोग करें।
डिजिटल माध्यम से प्रमाण-पत्र जमा करें।
समय की बचत: अब पेंशनरों को हर साल बैंक जाकर लाइन में लगने की जरूरत नहीं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहूलियत: बुजुर्ग पेंशनरों को यात्रा करने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता: डिजिटल प्रमाण पत्र जमा करने से प्रक्रिया तेज और सुरक्षित हो गई है।
देशभर में उपयोग: इस सुविधा का लाभ पूरे भारत में रेलवे पेंशनरों को मिलेगा।
इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया योजना के तहत भी देखा जा सकता है। यह न केवल रेलवे पेंशनरों के जीवन को सरल बनाएगा, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में डिजिटल बदलाव को भी बढ़ावा देगा। रेलवे ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाए, ताकि तकनीकी ज्ञान कम होने के बावजूद भी पेंशनभोगी इसे आसानी से अपना सकें।
रेलवे पेंशनरों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक कर लें और आवेदन प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक पूरा करें। किसी भी समस्या के लिए स्थानीय रेलवे कार्यालयों में संपर्क कर सकते हैं। यह डिजिटल सेवा पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत है। इस क्रांतिकारी पहल से लाखों पेंशनरों को सुविधा मिलेगी और उनके जीवन में नई तकनीक का सकारात्मक प्रभाव होगा।