राजधानी लखनऊ में शुक्रवार रात जन्मदिन की पार्टी अचानक मातम में बदल गई। दरअसल, लखनऊ के हजरतगंज इलाके में पुलिस कमिश्नर आवास से चंद कदमों की दूरी पर सपा एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में जन्मदिन की पार्टी आयोजित की गई थी। इस दौरान यहां अचानक गोली लगने से 38 वर्षीय राकेश गिर पड़ा।
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में शुक्रवार रात जन्मदिन की पार्टी अचानक मातम में बदल गई। दरअसल, लखनऊ के हजरतगंज इलाके में पुलिस कमिश्नर आवास से चंद कदमों की दूरी पर सपा एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में जन्मदिन की पार्टी आयोजित की गई थी। इस दौरान यहां अचानक गोली लगने से 38 वर्षीय राकेश गिर पड़ा। आनन फानन में राकेश को लेकर सभी ट्रामा सेंटर पहुंचे जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्र, डीसीपी मध्य समेत आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम पहुंची घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने विनय को हिरासत में ले लिया। मृतक राकेश मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाला है।
घटना हजरतगंज स्थित लॉ-प्लास में शाहजहांपुर से एमएलसी अमित यादव के फ्लैट की है। इंस्पेक्टर हजरतगंज अंजनी पांडेय के मुताबिक, फ्लैट में एमएलसी के भाई पंकज यादव रहते हैं। शुक्रवार देर रात फ्लैट में पंकज केमित्र विनय का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पार्टी में सर्वोदयनगर आजाद नगर निवासी उसका दोस्त राकेश रावत समेत पांच लोग शामिल हुए थे। इस दौरान यह लोग पार्टी में मौजूद पिस्टल देख रहे थे कि तभी विनय से ट्रिगर दब गई और राकेश के सीने में लग गई। राकेश खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर पड़ा। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। यह पिस्टल सपा एमएलसी के भाई पंकज यादव की ही बताई गई है।
आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ
आरोप है कि पंकज यादव कई सालों से अवैध रूप से यह पिस्टल अपने पास रखे हुए थे। इस बात की पड़ताल की जा रही है कि वह पिस्टल कहां से लेकर आया था। चारों आरोपितों को हिरासत लेकर गहन पूछताछ की जानी है। पुलिस ने पार्टी वाली जगह की जांच की तो वहां मौके पर 20 बीयर कैन मिले। पार्टी के दौरान सभी शराब पी रहे थे व नशे में धुत थे। बीयर के साथ ही अन्य चीजें भी मिली हैं।
बचपन के थे मित्र
एसीपी हजरतगंज ने बताया कि सूचना पर राकेश के परिवार वाले मौके पर आ गए हैं। उनसे पूछताछ में पता चला कि राकेश बाराबंकी में प्राइवेट फाइनेंस का काम करता था। राकेश, विनय और पंकज बचपन के मित्र हैं। यह लोग कक्षा आठ से स्नातक का साथ पढ़े थे।