अब हैसियत और वरासत के प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा।
लखनऊ. अब हैसियत और वरासत के प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। ऑनलाइन प्रक्रिया की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। वे गोमतीनगर सेक्टर-6 स्थित सदर तहसील के नए भवन के लोकार्पण समारोह में शिरकत कर रहे थे। सीएम योगी ने जानकीरी दी कि अब हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए edistrict.up.nic.in और वरासत करवाने के लिए बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की वेबसाइट bor.up.nic.in पर आवेदन करना होगा। कुछ समय बाद प्रमाणपत्र बनने में लगने वाली अवधि (20 दिन) को और कम किया जाएगा। वहीं, अध्यक्ष राजस्व परिषद प्रदीप कुमार ने बताया कि खसरा-खतौनी प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को पहले ही ऑनलाइन किया जा चुका है। जल्द ही अन्य प्रमाणपत्रों को भी ऑनलाइन ही जारी किया जाएगा।
आवास बनाने को मिली मंजूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने परिसर में अफसरों व कर्मचारियों के लिए आवास बनाने को भी मंजूरी दे दी। बता दें कि डीएम कौशलराज शर्मा ने उनके सामने आवास का प्रपोजल रखा था। सीएम ने तहसील परिसर की बाउंड्री बनवाने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण करने के बाद सीएम ने मंच से ही भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर सांसद कौशल किशोर और विधायक अविनाश त्रिवेदी ने इलाके के लोगों की समस्याओं से सीएम को अवगत करवाया। सीएम ने समारोह के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध खत्म हो चुका है। ज्यादातर वारदात राजस्व के विवादों के कारण सामने आ रही हैं। लिहाजा कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए राजस्व की समस्याओं का समय पर निस्तारण जरूरी है। राजस्व के अधिकारी व कर्मचारी लोगों के घर तक जाकर तीन दिन के भीतर समस्याओं का निस्तारण करें।
युवाओं को मिला रोजगार
सीएम योगी आदित्यानाथ ने समारोह के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में युवा सबसे ज्यादा हैं। पहले युवा रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में पलायन करते थे, लेकिन सरकार यहीं रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल में 75,000 युवाओं को रोजगार मिल चुका है। दिसंबर तक यूपी में एक लाख करोड़ का निवेश होने जा रहा है। इससे करीब दस लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।