18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेरठ ललिता गौतम केस: सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दिए बड़े आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Meerut Lalita Gautam Case: मेरठ के चर्चित ललिता गौतम प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और हरसंभव सरकारी सहायता के निर्देश दिए।
4 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jul 18, 2026

सीएम योगी ने दिया पीड़ित परिवार को न्याय, राहत और आवास का भरोसा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

सीएम योगी ने दिया पीड़ित परिवार को न्याय, राहत और आवास का भरोसा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Meerut Lalita Gautam Case: मेरठ के चर्चित ललिता गौतम प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहते हुए उन्हें कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय मिल सके।

परिवार का दुख साझा किया, न्याय का भरोसा दिया

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मृतका के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और अपनी पीड़ा साझा की। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना तथा परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर न्याय प्रभावित न हो।

विवेचना में लापरवाही पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच और विवेचना में सामने आई कथित लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि जांच या विवेचना के दौरान किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जांच प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए और प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

दोषियों को कठोर सजा दिलाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार अभियोजन पक्ष को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाएगी, ताकि आरोपियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मामले की सुनवाई से जुड़े सभी आवश्यक कानूनी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद

पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि परिवार को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में राहत कार्यों में तेजी लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पिता और चाचा को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए मृतका के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि परिवार को सामाजिक और आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना भी है, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।

सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का आयुष्मान भारत कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य सभी पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार किसी भी सरकारी योजना से वंचित है तो आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार को अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, खाद्यान्न, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

संवेदनशील मामलों में जवाबदेही तय करने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है और किसी भी दोषी को बचने का अवसर नहीं दिया जाएगा।

सरकार ने दोहराया न्याय और संवेदनशीलता का संदेश

मुख्यमंत्री और पीड़ित परिवार की मुलाकात को इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता, आवास, सरकारी योजनाओं का लाभ और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित परिवार के लिए राहत का संदेश लेकर आया है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

अब इस मामले में सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। प्रदेश सरकार ने जिस गंभीरता के साथ इस प्रकरण का संज्ञान लिया है, उससे यह संदेश गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया है और संबंधित विभागों को सभी आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।