लखनऊ

हरिवंश नारायण सिंह बने राज्यसभा के उपसभापति, 41 साल बाद बलिया ने फिर रचा नया इतिहास

राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव में NDA Candidate Harivash Narayan Singh को 125 वोट मिले जबकि विपक्ष के प्रत्याशी बीके हरिप्रसाद को 105 वोट मिले...
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Updated: 9 Aug 2018, 1:45 PM IST
Harivansh Narayan Singh win Rajyasabha deputy speaker election
हरिवंश नारायण सिंह बने राज्यसभा के उपसभापति, 41 साल बाद बलिया ने फिर रचा नया इतिहास

लखनऊ. भारतीय राजनीति में बलिया जिले का अहम स्थान रहा है। बलिया के ही चंद्रशेखर जी ऐसे राजनेता रहे हैं जिन्होंने केंद्र और राज्य में कभी मंत्री पद पर रहे बिना सीधे प्रधानमंत्री पद हासिल किया था। अब 41 साल बाद ऐसा संयोग बना जब इस जिले से फिर एक नेता ने सीधे राज्य सभा में डिप्टी स्पीकर यानी उप सभापति का पद हासिल किया। उनका नाम है हरिवंश नारायण सिंह। हरिवंश नारायण एनडीए के संयुक्त उम्मीदवार थे। फिलहाल, हरिवंश नारायण जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं। राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव में हरिवंश नारायण सिंह को 125 वोट मिले जबकि विपक्ष के प्रत्याशी बीके हरिप्रसाद को 105 वोट मिले।

हरिवंश नारायण बने राज्यसभा के उपसभापति

एनडीए के उम्मीदवार जेडीयू के सांसद हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव जीत गए हैं। हालांकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के पास उतनी संख्या नहीं थी कि वह अपने दम पर किसी उम्मीदवार को जिता ले जाए। बहरहाल, पेशे से पत्रकार रहे हरिवंश नारायण सिंह 2014 से जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं। इनका जन्म 30 जून, 1956 को बलिया में हुआ था। 1976 में बीएचयू से अर्थशास्त्र में इन्होंने एमए किया और 1977 में बीएचयू से ही पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की थी। हरिवंश पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पीआरओ भी रह चुके हैं।

राजनीति में फिर सिरमौर बना बलिया

राज्यसभा में कुल 245 सीटों में एनडीए के पास 115 सीट हैं जबकि यूपीए के पास 113 सीट। अन्य दलों के पास 16 सीटें और 1 सीट खाली है। उपसभापति की जीत के लिए कुल 125 सीटें चाहिए थीं, जिसे हरिवंश नारायण सिंह ने हासिल कर लिया। आपको बता दें कि राज्य सभा के उपसभापति का पद जून महीने में पी जे कुरियन के सेवानिवृत्त होने के बाद से खाली है। कुरियन केरल से कांग्रेस के राज्य सभा सांसद थे। वहीं हरिवंश नारायण सिंह के जीतने के बाद एक बार फिर भारतीय राजनीति में बलिया सिरमौर बन गया।

अबतक कांग्रेस के पास रहा ये पद

गौरतलब है कांग्रेस के उम्मीदवार ही अब तक राज्यसभा के उपसभापति बनते आए हैं। सिर्फ एक बार ये पद विपक्षी दल के पास गया था। पिछले 41 सालों से कांग्रेस के पास डिप्टी स्पीकर का पद है और पिछले 66 सालों में से 58 सालों तक यह पद उसी के पास रहा। लेकिन इस बार कांग्रेस के पास जरूरी समर्थन नहीं था। ऐसे में विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों ही इस पद पर अपना उम्मीदवार पहुंचाने की जद्दोजहद में लगे थे।

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9 Aug 2018, 1:45 PM IST
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