
Heavy Rain August Record Lucknow: राजधानी लखनऊ में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने बीते छह वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के अनुसार, महज छह घंटे में 117.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो अगस्त माह में 2017 के बाद की सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश है। 2017 में इसी अवधि में 161.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार रात 08:30 बजे से 11:30 बजे के बीच लखनऊ एयरपोर्ट क्षेत्र में 50 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके बाद 08:30 बजे शाम से 02:30 बजे रात तक शहर के अन्य हिस्सों में 94.8 मिमी वर्षा हुई। कुल मिलाकर 117.6 मिमी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। भारी वर्षा के कारण चारबाग, हुसैनगंज, आलमबाग, अमीनाबाद, अलीगंज, गोमती नगर और हजरतगंज जैसे प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगहों पर सड़कें तालाब में बदल गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अचानक हुई इस भारी वर्षा ने लखनऊ का यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। देर रात और सुबह के समय कई वाहन पानी में फंस गए। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की टीमें रात भर पानी निकालने और जाम हटाने के प्रयास में जुटी रहीं। गाड़ियों के फिसलने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई और ट्रांसफार्मर फटने की घटनाएँ भी दर्ज की गईं।
मौसम विभाग ने बताया कि अगस्त में सामान्य वर्षा से अधिक पानी गिरा है और अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। विभाग ने नगर निगम और जिला प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में भारी वर्षा हो रही है। “लखनऊ में इस तरह की बारिश सामान्य से अधिक है और यह अगले कुछ घंटों तक जारी रह सकती है,” मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
भारी बारिश की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीमें और पंपिंग सेट्स कई स्थानों पर लगाए गए। जोनल अधिकारियों को जलभराव वाले इलाकों में निगरानी के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने देर रात ही आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट कर दिया और संवेदनशील इलाकों में फायर ब्रिगेड व नगर निगम की अतिरिक्त टीमें भेजीं। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार, “रात भर पंपिंग कार्य किया गया है, लेकिन इतनी तेज बारिश में तत्काल राहत मुश्किल हो जाती है। अगले कुछ घंटों में जलभराव कम होने लगेगा।”
तेज बारिश के कारण कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। पुराने लखनऊ के नक्खास और चौक क्षेत्र में लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्कूलों में कम उपस्थिति रही। स्थानीय निवासी सुनील श्रीवास्तव ने बताया, “सिर्फ तीन घंटे की बारिश में सड़कें डूब गईं। नगर निगम के नाले साफ नहीं हैं, इसलिए पानी तेजी से भर जाता है।”
हालाँकि यह बारिश परेशानियाँ लेकर आई, मगर इससे किसानों को राहत भी मिली है। प्रदेश के मध्य भागों में सूखे जैसी स्थिति बन रही थी। धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी। मौसम विभाग के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह की वर्षा होती रही तो खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष मानसून की गतिविधि अगस्त में अधिक सक्रिय हो गई है। “तेज हवाओं के साथ लगातार भारी वर्षा ने दिखाया कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। बारिश की तीव्रता और अवधि को देखते हुए यह आंकड़ा 2017 के बाद सबसे ज्यादा है,” मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह ने कहा।