हाईकोर्ट (Highcourt) की लखनऊ बेंच ने राज्यसभा (Rajya Sabha) के दस नवनियुक्त सदस्यों को नोटिस जारी किया है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्यसभा के दस नवनियुक्त सदस्यों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राज्यसभा के लिए नामांकन करने वाले बनारस के व्यापारी प्रकाश बजाज की याचिका का संज्ञान लेते हुए दिया गया है। बजाज ने सभी 10 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता को चुनौती दी है व कहा है कि चुनाव मनमाने तरीके से हुआ था। इसपर न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की एकल पीठ ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को यह नोटिस जारी किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी।
यह है मामला-
प्रकाश बजाज ने याचिका में यह दलील दी थी कि वह खुद राज्यसभा चुनाव में खड़े हुए थे। उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन चुनाव अधिकारी ने यह कहते हुए उसे निरस्त कर दिया कि शपथ पत्र व फॉर्म में त्रुटि है। बजाज का आरोप है कि नामांकन गलत आधार पर मनमाने तरीके से निरस्त किया गया है। अन्य लोगों के फॉर्म में भी समान त्रुटियां थी। लेकिन दोहरा मापदंड अपनाते हुए केवल याची का ही नामांकन पत्र खारिज किया गया। और किसी का नहीं किया गया। इस पर अदालत ने याचिका में पक्षकार बनाए गए सभी दस सदस्यों को नोटिस जारी किया है व 25 जनवरी को अगली सुनवाई नियत की है।
यह जीते थे निर्विरोध चुनाव-
यूपी से खाली हुई 10 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 8, तो समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी ने एक-एक सीट जीती थीं। भाजपा से केंद्रीय मंत्री पुरी, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, हरिद्वार दुबे, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बीएल वर्मा व गीता शाक्य ने जीत हासिल की। वहीं सपा से रामगोपाल यादव व बसपा से रामजीत गौतम निर्विरोध चुनाव जीते। इन सभी का 24 नवंबर 2026 तक कार्यकाल रहेगा।