
राम मंदिर में चढ़ावा गबन मामले पर सियासत गर्म (फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Scam Case: राम मंदिर की दान पेटिका में कथित अनियमितता की जांच के लिए गठित 3 सदस्यीय SIT सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे अयोध्या पहुंच गई है। अयोध्या पहुंचते ही SIT ने अनियमितता की जांच के लिए संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों को खंगालना शुरू कर दिया है। वहीं, दूसरी तरफ अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने चढ़ावे की जांच के लिए गठित SIT पर संदेह जताया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय SIT ने राम मंदिर की दान पेटिका में कथित अनियमितता की जांच शुरू कर दी है। SIT टीम अयोध्या पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों, अभिलेखों और रिकॉर्ड को खंगाल रही है। सरकार ने SIT को 7 दिनों के अंदर प्रारंभिक आंतरिक रिपोर्ट और 15 दिनों में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित SIT दान पेटिका में अनियमितता की निष्पक्ष जांच करेगी। इस मुद्दे पर अयोध्या में विभिन्न मतों और प्रतिक्रियाओं के साथ बहस छिड़ गई है।
अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश स्तर का मामला नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र से जुड़ा हुआ है। करोड़ों लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। अवधेश प्रसाद ने कहा- यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें देश के करोड़ों लोगों का विश्वास जुड़ा है। इसलिए जांच सर्वोच्च अदालत की निगरानी में स्वतंत्र समिति को करनी चाहिए। अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुझे SIT जांच पर भरोसा नहीं है।
अवधेश प्रसाद ने जांच शुरू होने से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की भी मांग की। सांसद ने यूपी सरकार द्वारा गठित SIT की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कहा कि प्रभु श्री राम का मामला राष्ट्र स्तर का है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित टीम ही जांच करे।
महंतों-धर्मगुरुओं और बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने SIT गठन का स्वागत किया है। इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या पूरी दुनिया की आस्था का केंद्र है। दान और चढ़ावे में कथित अनियमितता की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा SIT गठन से दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो जाएगा। वहीं, साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। किसी भी सनातन धर्मावलंबी की आस्था आहत नहीं होनी चाहिए।
अयोध्या के सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुछ विघटनकारी तत्व भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। SIT गठन जरूरी था, जांच सही तरीके से हो और सच्चाई सामने आए। यह पूरा मामला राम मंदिर ट्रस्ट की दान व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर उठा है, जो लाखों भक्तों की आस्था से जुड़ा है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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Updated on:
15 Jun 2026, 8:44 PM IST
Published on:
15 Jun 2026, 6:16 PM IST
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