
अयोध्या का राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Scam Allegations: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपए का चढ़ावा गायब (Scam Worth Crores Rupees) होने का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव के आरोपों पर राम मंदिर समिति ने जवाब दिया है। दरअसल, अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए पूरे मामले को सनातनी समाज की आस्था से जोड़ दिया है।
अखिलेश यादव के आरोप का राम मंदिर समिति ने जवाब दिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ट्रस्ट का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट कराया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। यह ऑडिट कई दिनों तक चलता है और वर्तमान में भी यह प्रक्रिया जारी है।
चंपत राय ने जोर देकर कहा कि अब तक ऑडिट में कोई उल्लेखनीय अनियमितता या गड़बड़ी सामने नहीं आई है। वहीं, ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने भी अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया है। महंत ने कहा कि ट्रस्ट के सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और लिखित रूप में दर्ज किए जाते हैं। लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब सावधानी से रखा जाता है। उन्होंने कहा कि सब कुछ पारदर्शी तरीके से चल रहा है। आपसी सद्भाव है और राम जी सब देख रहे हैं। ट्रस्ट कभी ऐसी गलती नहीं करेगा।
अखिलेश यादव के आरोप के बाद अयोध्या पुलिस के उच्च अधिकारी राम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क में हैं। सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट को वर्तमान स्थिति रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। हालांकि, अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट की आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल अधिकारी पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुए हैं। ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ चल रहे हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 'X' अकाउंट पर पोस्ट करके करोड़ो रुपए के गायब होने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने लिखा- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपए की रकम गायब पाई गई है। अखिलेश ने इसे ट्रस्ट के लिए बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि कोई सफाई देने को तैयार नहीं है। अखिलेश ने कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है, क्योंकि यह पूरे विश्व के सनातनी समाज की राम लला में आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है।
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Updated on:
08 Jun 2026 12:04 am
Published on:
07 Jun 2026 11:29 pm
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