पत्र में लिखा कि ऐसी टिप्पणियों से वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने अपील की कि असहमति जरूर हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन वह सम्मान और तर्क के साथ होनी चाहिए।