प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बाबा साहब की मूर्तियों को तोडे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
लखनऊ . उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां हर राजनीतिक दल बाबा साहब डाक्टर भीम राव अाम्बेडकर की जयंती पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें अपना आदर्श साबित करने में जुटा है तो दूसरी ओर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बाबा साहब की मूर्तियों को तोडे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। एक ओर जहां 14 को बाबा साहब की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है तो बुधवार को फिरोजाबाद में बाबा साहब की मूर्ति को फिर से तोडे जाने की घटना सामने आई है। सवाल यह है कि आखिर कौन से लोग हैं जो इन मूर्तियों को तोडने की घटना को अंजाम दे रहे हैं।
एक महीने में कई जगह तोडी गई मूर्तियां
पिछले एक महीने में देखें तो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बाबा साहब की मूर्तियों को तोडे जाने की घटनाएं सामने आई हैं। 10 अप्रैल को सहारनपुर में डॉ आम्बेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त किए जाने की खबर आई। शरारती तत्वों ने यहां उनकी मूर्ति का हाथ तोड़ दिया। 5 अप्रैल को फिरोजाबाद के सिरसागंज में आम्बेडकर की मूर्ति के हाथ तोड़ दिए गए थे। यह गांव फिरोजाबाद मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। इस घटना के बाद नगल नंदी गांव के दलित समाज के लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला था। इससे पहले 30 मार्च को सिद्धार्थनगर सिद्धार्थनगर से डॉ आम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की खबर आई थी। सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र से भी ऐसी ही एक घटना सामने आई, असामाजिक तत्वों ने रात में आंबेडकर की मूर्ति का एक हाथ तोड़ दिया। सुबह क्षतिग्रत मूर्ति देखने के बाद स्थानीय लोगों ने रोष जाहिर किया। 31 मार्च को इलाहाबाद
के त्रिवेणीपुरम में डॉ आम्बेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया था। यहां मूर्ति का सिर अलग कर दिया गया था। इसके अलावा 10 मार्च को आजमगढ़ के कप्तानगंज क्षेत्र में अराजक तत्वों ने बाबा साहब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।
भगवा रंग चढाने की सामने आई घटना
दस अप्रैल को बदायूं में बाबा साहब की मूर्ति पर भगवा रंग चढ़ाए जाने का मामला सामने आने पर विवाद हो गया। यहां बाबा साहब की मूर्ति को पूरी तरह से भगवा रंग में रंग दिये जाने के बाद विरोध के बीच इसे फिर से इसे नीले रंग में रंग दिया गया। इससे पहले 7 अप्रैल की रात को किसी ने भीमराव आम्बेडकर की मूर्ति पर भगवा रंग चढ़ा दिया था, जिसके बाद इलाके के कुछ लोगों ने रोष प्रकट किया था। यह मूर्ति बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के दुगरैया गांव में स्थापित है।
मूर्तियों की सुरक्षा के आदेश
पूर्व में भी बाबा साहब की मूर्तियां समय-समय पर क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं सामने आती रही हैंं लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह सिलसिलेवार ढंग से बाबा साहब की मूर्तियों को तोडने और क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने सरकार और प्रशासन दोनों की चिन्ता बढाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने तो पूरे प्रदेश के अफसरों को विशेष पत्र जारी कर इन मूर्तियों की सुरक्षा बढाने और निगरानी तक करने के निर्देश जारी किये हैं। इन सबके बीच प्रदेश में बाबा साहब की मूर्तियों के टूटने की घटनाओं पर भाजपा की ही सांसद सावित्री बाई फूले ने अपनी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पिछले दिनों घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। तमाम सरकारी दावों से इतर सच्चाई यह है कि ज्यादातर घटनाओं में शामिल अराजक तत्वों की पुलिस और प्रशासन अभी तक पहचान नहीं कर सकी है।