लखनऊ

अपने से दोगुनी उम्र के लड़के को धूल चटाने वाली क्रिकेटर की कहानी, आखिर कौन हैं श्वेता?

Shweta Sehrawat Story : भारत को महिला अंडर-19 विश्व कप चैंपियन बनाने में श्वेता सेहरावत का बड़ा योगदान रहा है। अभी वह यूपी वॉरियर्स की टीम में खेल रही हैं।
3 min read
Mar 23, 2023
story of Shweta Sehrawat
Shweta Sehrawat

महिला क्रिकेटर बनाना बहुत मुश्किल काम है। लेकिन इस मुश्किल काम को श्वेता सेहरावत ने अपनी मेहनत से आसान बना लिया। जैसा हम सब जानते हैं कि भारत को महिला अंडर-19 विश्व कप चैंपियन बनाने में श्वेता सेहरावत का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सात मैचों में 99 के औसत से 297 रन बनाए थे।

श्वेता को बचपन से था क्रिकेट पसंद
आइए जानते हैं श्वेता सेहरावत की कहानी। श्वेता का जन्म दिल्ली के महिपालपुर का एक परिवार 26 फरवरी 2004 को हुआ। परिवार के लोगों को कुछ सालों बाद पता चला कि श्वेता को क्रिकेट बहुत पसंद है, लेकिन घरवालों ने पहले से मन बना रखा था कि बड़ी बेटी को क्रिकेटर बनाना है। इसलिए छोटी वाली को बस दिलासे मिलते रहे।

किसे पता था की इस छोटी लड़की श्वेता को सात साल की उम्र में मौका मिल जाएगा। बड़ी बहन ने वसंत कुंज में क्रिकेट अकैडमी जॉइन की। उसी दिन अकैडमी के कोच ने श्वेता के हाथ में बैट थमा दिया और वहीं एक 14 साल के लड़के को बॉल थमा दिया। इसके कोच ने कहा, खेलो।

शानदार शॉट लगाकर खुद को साबित किया था श्वेता
इसके बाद क्या था, श्वेता ने अपनी दोगुनी उम्र के लड़के की गेंदों पर शानदार शॉट लगाकर साबित कर दिया कि मैं अलग हूं। अगली सुबह पिता ने उन्हें क्रिकेट किट दिला दी। कुछ इस प्रकार से शुरू हुआ श्वेता सेहरावत का क्रिकेट का सफर। यह वही श्वेता हैं जिन्होंने U19 T20 विमिंस वर्ल्ड कप में भारत के लिए धूम मचा दी थी।

श्वेता ने वसंत कुंज में चार साल लड़कों के खिलाफ प्रैक्टिस की। वहीं अपने आप को आक्रामक बल्लेबाजी करने के लिए तैयार किया। 12 साल की उम्र में श्वेता ने दिल्ली के सीनियर महिला ट्रायल्स में भाग लिया। उसी समय अंडर-16 टीम में जगह भी बना ली थी। इसके बाद दिल्ली अंडर-19 और फिर भारत अंडर-19 तक पहुंचीं और अब यूपी वॉरियर्स की टीम में है।

वीवीएस लक्ष्मण को पत्र लिखकर दी थी जानकारी
श्वेता ने 12वीं की परीक्षा की वजह से अंडर-19 कैंप जॉइन नहीं कर पाईं। इसके बारे में उन्होंने NCA चीफ वीवीएस लक्ष्मण को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। लक्ष्मण ने जवाब में कहा था कि श्वेता को कुछ दिन के लिए जरूर आना चाहिए। इसके बाद श्वेता 15 मई से 9 जून तक चलने वाले कैंप में 3 जून को जुड़ीं और उन्होंने कुछ मैच भी खेले।

आखिरी मैच में उन्होंने शतक लगाया और NCA की टीम में आ गईं। यहां उन्होंने छह मैच खेले और दो शतक भी लगाए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। श्वेता के पिता संजय ने हाल ही कहा था कि उन्होंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन लक्ष्मण की वजह से उनकी बेटी फिर से खेल रही है।

श्वेता को बनाया गया था भारत का कैप्टन
साल 2022 में भारत और न्यूजीलैंड अंडर-19 टीम के बीच एक T20I सीरीज खेली गई। 27 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच खेली गई इस सीरीज के लिए श्वेता को भारत का कैप्टन बनाया गया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 5-0 से हराया था। श्वेता ने U19 वर्ल्ड कप में कैप्टन शफाली वर्मा के साथ पारी ओपन करते हुए शानदार बैटिंग की।

श्वेता ने सात मैच में 297 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 99 का रहा और स्ट्राइक रेट 140 का था। श्वेता 4 मैच में नाबाद रहीं और उनका सर्वाधिक स्कोर 92 रन का था। ये पारी साउथ अफ्रीका के खिलाफ आई थी। इसके अलावा उन्होंने UAE के खिलाफ 74 और स्कॉटलैंड के खिलाफ 10 बॉल में 31 रन बनाए थे।

Published on:
23 Mar 2023 08:27 pm
Also Read
View All