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कौन हैं राम आसरे कुशवाहा? कभी मुलायम के थे खास, अब BJP छोड़ फिर सपा में लौटे; 6 बार रह चुके हैं मंत्री

Who is Ram Asrey Kushwaha: पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने BJP छोड़कर 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी कर ली है। जानिए कौन हैं राम आसरे कुशवाहा और कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

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Updated: 17 Sep 2026, 3:06 PM IST

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राम आसरे कुशवाहा (X Photo @samajwadeksoc)

Ram Asrey Kushwaha Profile: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। 6 बार के पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता राम आसरे कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़कर एक बार फिर समाजवादी पार्टी में वापसी कर ली है। उन्होंने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद सपा की सदस्यता ग्रहण की है। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने आगामी चुनाव में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया है। आइए जानते हैं कौन हैं राम आसरे कुशवाहा और कैसा रहा उनका अब तक का राजनीतिक सफर।

बसपा से शुरू किया था राजनीतिक सफर

कानपुर के रहने वाले राम आसरे कुशवाहा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। साल 1996 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। उन्हें पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता था। संगठन और सरकार में लंबी पारी खेलने के कारण उनका राजनीतिक रसूख काफी मजबूत रहा है।

OBC समुदाय के बड़े और अनुभवी नेता

राम आसरे कुशवाहा पिछड़े वर्ग यानी OBC समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पहचान एक मजबूत और जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही है। वह कानपुर के सरसौल विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में 6 बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सपा में रहते हुए वह मुलायम सिंह यादव के साथ कई मौकों पर पार्टी का पक्ष रखते नजर आए। अखिलेश यादव की पिछली सरकार में भी उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला था। लंबे समय तक संगठन और शासन दोनों स्तरों पर काम करने का उनका अनुभव पार्टी के लिए हमेशा से अहम रहा है।

2013 में इस वजह से हुई थी सपा से विदाई

राम आसरे कुशवाहा के राजनीतिक सफर में एक दौर ऐसा भी आया जब उनकी समाजवादी पार्टी से दूरियां बढ़ गईं। साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान उनका पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग बयान सामने आया था। इस घटना के बाद तत्कालीन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी से पूरी तरह नाता तोड़ लिया और समय के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

BJP छोड़कर 13 साल बाद घर वापसी

भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय तक रहने के बाद राम आसरे कुशवाहा ने अब भगवा पार्टी का साथ छोड़ दिया है। बीजेपी से मोहभंग होने के बाद उन्होंने करीब तेरह साल बाद अपनी पुरानी पार्टी समाजवादी पार्टी में दोबारा वापसी की है। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने साफ कहा कि राजनीति में सम्मान सबसे ऊपर होता है और जहां सम्मान मिलेगा वहीं रिश्ता रहेगा। उनकी इस घर वापसी को उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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