
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का प्रस्तावित जनसंपर्क नेटवर्क। (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
Modi Birthday Seva Sankalp Abhiyan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश भाजपा का एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू हो रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान की संरचना देखें तो यह सिर्फ प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला नहीं है। भाजपा ने इसमें सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से लेकर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और परिवारों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम रखे हैं।
पार्टी ने करीब 4 करोड़ 19 लाख परिवारों और 15 करोड़ 74 लाख लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह अभियान भाजपा के लिए सरकारी योजनाओं के प्रचार और संगठन के जनसंपर्क, दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने का माध्यम बनता दिखाई देता है।
शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई कोर कमेटी की बैठक में अभियान की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में बीएल संतोष ने स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों के जीवन में आए बदलाव, देश में हुए सकारात्मक कार्यों और भारत की वैश्विक छवि में हुए परिवर्तन के बारे में बताने की बात कही। साथ ही अभियान के कार्यक्रमों को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रचारित करने पर भी जोर दिया। यानी अभियान की रणनीति में ग्राउंड कनेक्ट और डिजिटल नैरेटिव, दोनों को साथ रखा गया है।
अभियान को भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, सेवा, सुशासन और विकास कार्यों से जोड़कर पेश कर रही है। वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसकी व्यापक संगठनात्मक तैयारी और भाजपा की बैठकों में चुनावी रणनीति पर चर्चा होने के कारण इसे राजनीतिक जनसंपर्क के नजरिये से भी देखा जा रहा है।
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अनुराग मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने अभियान को एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए गतिविधियां तय की हैं। इनमें ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। पार्टी की योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने की है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक लक्ष्य में करीब 3.51 करोड़ ग्रामीण और 68 लाख शहरी परिवार शामिल हैं। इतने बड़े नेटवर्क तक पहुंचने के लिए भाजपा अपने बूथ स्तर के संगठन को अभियान से जोड़ रही है।
अभियान में ‘आंगन मिलन सेवा’ को शामिल करना इसी जमीनी संपर्क रणनीति का हिस्सा है। इसकी जिम्मेदारी बेबी रानी मौर्य को दी गई है।आंगनबाड़ी केंद्रों को अभियान से जोड़कर भाजपा महिलाओं और परिवारों के बीच पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभियान में सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के बजाय ऐसे स्थानीय केंद्रों और कार्यक्रमों को जोड़ा गया है, जहां सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवारों से सीधे संपर्क हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर आंगनबाड़ी गतिविधि को राजनीतिक कार्यक्रम माना जाए, बल्कि भाजपा ने अपने अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी नेटवर्क को एक सामाजिक संपर्क माध्यम के तौर पर शामिल किया है।
भाजपा ने ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के जरिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को सामने लाने की योजना बनाई है। इसकी जिम्मेदारी गिरीश चंद्र यादव और ब्रजेश सिंह को दी गई है। यहां पार्टी का फोकस योजना की घोषणा से आगे बढ़कर उसके लाभार्थी तक पहुंचने पर है। यानी यह बताने की कोशिश होगी कि सरकारी योजना का असर किसी व्यक्ति या परिवार के जीवन में किस तरह दिखाई दिया। यही वजह है कि 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच का आंकड़ा अभियान की रणनीति में खास महत्व रखता है।
अभियान का एक हिस्सा नागरिकों की सेवा गतिविधियों में भागीदारी पर केंद्रित है। रक्तदान, पौधरोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, महिला स्वास्थ्य और दिव्यांगजनों की सहायता जैसी गतिविधियों को इसमें शामिल किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर सेवा गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। भाजपा का कहना है कि इसके जरिये नागरिकों को सामाजिक कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
‘सेवा सेतु’ अभियान के तहत विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर लगाने की योजना है। इनमें सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता, आवेदन और सत्यापन से संबंधित सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिविरों में आवेदन लेने के बाद लाभार्थियों को वास्तविक लाभ कितनी तेजी से मिलता है। केवल आवेदन दर्ज होना पर्याप्त नहीं होगा; उसके बाद का फॉलोअप भी अहम रहेगा।
युवा वर्ग को जोड़ने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होंगी। इसके अलावा विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के युवाओं को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ से जोड़ने की योजना है। पार्टी का जोर युवाओं को विकास, नवाचार और देश से जुड़े विषयों पर भागीदारी का मंच देने पर है।
17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ के साथ अभियान की शुरुआत होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप जलाने की अपील की गई है। अभियान में उत्तर प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं को भी सामने लाने की योजना है। एक्सप्रेस वे, एयरपोर्ट, मेट्रो, विश्वविद्यालय, डिफेंस कॉरिडोर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को विकास कार्यों के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
भाजपा का उद्देश्य इन परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं को प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों के व्यापक संदेश से जोड़ना है। विपक्ष इन उपलब्धियों और सरकारी दावों की अपनी व्याख्या जनता के सामने रख सकता है। ऐसे में विकास कार्यों का राजनीतिक विमर्श आने वाले समय में और प्रमुख हो सकता है।
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक पंकज उपाध्याय ने अपने विचार रखते हुए बताया कि अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य इसकी व्यापक पहुंच है। 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक संपर्क बनाने के लिए भाजपा को अपने बूथ और स्थानीय संगठन को लगातार सक्रिय रखना होगा। संपर्क की संख्या के अलावा यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अभियान से जुड़े परिवारों की वास्तविक प्रतिक्रिया क्या रहती है। सरकारी योजनाओं का लाभ, स्थानीय समस्याओं का समाधान और नागरिकों की भागीदारी इसके असर को समझने के प्रमुख आधार होंगे।
एक महीने के अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ प्रस्तावित है। इसमें ग्राम प्रधानों, सरपंचों और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़ने की योजना है। पार्टी की ओर से लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ने का लक्ष्य बताया गया है। इस तरह अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के जन्मदिन से होगी और समापन सुशासन तथा विकसित भारत के संकल्प के साथ होगा।
‘सेवा संकल्प’ को केवल जन्मदिन कार्यक्रमों की श्रृंखला मानना इसके व्यापक ढांचे को सीमित कर देगा। इसमें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच, महिला और युवा संपर्क, सामाजिक सेवा, डिजिटल प्रचार तथा बूथ स्तर की संगठनात्मक सक्रियता को एक साथ जोड़ा गया है।
साथ ही भाजपा की बैठकों में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा इस अभियान को चुनावी समयरेखा से भी जोड़ती है। हालांकि इसका चुनावी प्रभाव अभी तय नहीं किया जा सकता। आने वाले महीनों में जनता की प्रतिक्रिया, योजनाओं का वास्तविक लाभ और स्थानीय मुद्दों पर राजनीतिक विमर्श यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि अभियान का जनसंपर्क कितना प्रभावी रहा।
फिलहाल भाजपा के सामने चुनौती स्पष्ट है-4.19 करोड़ परिवारों तक पहुंचने के बड़े लक्ष्य को जमीनी संपर्क में बदलना और सेवा, सुशासन तथा विकास के संदेश को प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंचाना। 17 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान इसी रणनीति की पहली बड़ी परीक्षा माना जा सकता है।
Updated on:
17 Sept 2026 03:00 pm
Published on:
17 Sept 2026 02:17 pm
