
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति कार्यालय (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
Haj 2027 के लिए चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाण-पत्र से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर-13, दिनांक 15 सितंबर 2026 के माध्यम से चयनित हज यात्रियों के लिए मेडिकल जांच, फिटनेस प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने की समय-सीमा निर्धारित की है। चयनित यात्रियों को प्रथम चरण में सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच कराकर एलोपैथिक पद्धति के चिकित्सक से निर्धारित प्रारूप पर मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा।
हज यात्रा की तैयारियों के बीच जारी इन निर्देशों का पालन चयनित यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यात्रियों को मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी कराने के बाद फिटनेस प्रमाण-पत्र के साथ अग्रिम जमा धनराशि की रसीद और अन्य आवश्यक दस्तावेज हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर निर्धारित समय के भीतर अपलोड करने होंगे।
हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चयनित हज यात्रियों को अपनी मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, अग्रिम जमा धनराशि की रसीद और आवश्यक प्रपत्र वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके लिए यात्रियों को हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट hajcommittee.gov.in का उपयोग करना होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि दस्तावेज अपलोड करने में अंतिम तारीख का इंतजार न करें, ताकि तकनीकी समस्या या किसी अन्य कारण से प्रक्रिया प्रभावित न हो।
प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए चयनित हज यात्रियों को सरकारी चिकित्सा केंद्रों में जांच करानी होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्धारित प्रारूप के अनुसार मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद एलोपैथिक पद्धति के चिकित्सक द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। यात्रियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रक्रिया और प्रारूप के अनुसार ही तैयार हो, ताकि आगे की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
मेडिकल जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को संबंधित प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेज हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। इसके साथ अग्रिम जमा धनराशि की रसीद सहित अन्य जरूरी प्रपत्र भी निर्धारित समय-सीमा में जमा करना आवश्यक है। ऑनलाइन प्रक्रिया का उद्देश्य हज यात्रियों से संबंधित दस्तावेजों को समय से एकत्र करना और आगे की यात्रा प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है। ऐसे में चयनित यात्रियों को अपने दस्तावेजों की स्पष्ट और सही प्रतियां तैयार रखनी चाहिए, ताकि अपलोड करते समय किसी तरह की परेशानी न हो।
ऐसे चयनित यात्री जो किसी कारण से अपने दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने में असमर्थ हैं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। ऐसे यात्री अपने आवश्यक दस्तावेज 1 अक्टूबर 2026 तक उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इस व्यवस्था से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में तकनीकी या अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऐसे यात्रियों को निर्धारित तारीख तक अपने दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा, ताकि उनकी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के सचिव एवं कार्यपालक अधिकारी मोहम्मद तारिक ने बताया कि विदेशों में रहने वाले एनआरआई चयनित हज यात्रियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे यात्री जिस देश में निवास कर रहे हैं, वहीं के सरकारी चिकित्सालय में अपनी मेडिकल स्क्रीनिंग करा सकते हैं। विदेश में जांच कराने वाले यात्रियों को संबंधित मेडिकल रिपोर्ट हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर प्रेषित या अपलोड करनी होगी। इससे विदेश में रहने वाले चयनित यात्रियों को भारत आकर मेडिकल जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने वर्तमान निवास वाले देश में निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य चयनित यात्रियों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार मेडिकल जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि बड़ी संख्या में चयनित यात्रियों को निर्धारित समय के भीतर अपनी मेडिकल प्रक्रिया पूरी करनी है। समयबद्ध जांच और प्रमाण-पत्र जारी होने से हज यात्रा की आगामी तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चयनित यात्रियों को प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान प्राप्त मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और जांच रिपोर्ट को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। यह दस्तावेज आगे की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण रहेगा। यात्रियों को द्वितीय चरण की मेडिकल जांच के समय प्रथम चरण की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसलिए केवल वेबसाइट पर दस्तावेज अपलोड करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मूल रिपोर्ट और संबंधित प्रमाण-पत्र को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
मोहम्मद तारिक ने चयनित हज यात्रियों से अपील की है कि वे मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस की प्रथम चरण की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर लें। उन्होंने यात्रियों से प्रमाण-पत्र और जांच रिपोर्ट को सुरक्षितरखने को भी कहा है, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इन्हें प्रस्तुत किया जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि अंतिम समय में भीड़ या तकनीकी परेशानी से बचने के लिए मेडिकल जांच और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लें। समय पर प्रक्रिया पूरी होने से हज यात्रा से संबंधित आगे के चरणों में अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।
हज-2027 के लिए चयनित यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग यात्रा की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण चरण है। स्वास्थ्य जांच के माध्यम से यात्रियों की फिटनेस संबंधी स्थिति का आकलन किया जाएगा और आवश्यक दस्तावेजों को आधिकारिक प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को प्रक्रिया का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे चयनित यात्रियों की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Updated on:
15 Sept 2026 08:16 pm
Published on:
15 Sept 2026 08:16 pm
