
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के फैसलों में बुनियादी ढांचे के विस्तार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को सस्ती दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने, पीआरडी स्वयंसेवकों को राहत देने, प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अवसर देने से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट के फैसलों को प्रदेश में विकास, रोजगार और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस वे को विकसित किए जाने के लिए संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना से चित्रकूट क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के विकास से आवागमन सुगम होने के साथ ही धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। सरकार लगातार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दे रही है।
कैबिनेट बैठक में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) से जुड़े स्वयंसेवकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने का फैसला भी किया गया। इससे ड्यूटी के दौरान प्रदेश की सुरक्षा और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश में खिलौना निर्माण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसर पैदा करना है। नीति के जरिए स्थानीय स्तर पर खिलौना निर्माण को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही प्रदेश को खिलौना उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे छोटे उद्यमियों और विनिर्माण इकाइयों के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। स्मार्ट स्कूलों में आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट का एक अहम फैसला प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों से जुड़ा रहा। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे कृषि, सिंचाई, पशुपालन और खेती से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए किसानों को वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर स्थित ग्राम पूरे लाल खान में निशुल्क जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना से अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा एवं आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने 10 वर्ष तक की अवधि के किराएदारी पट्टा/लीज से संबंधित स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार के इस निर्णय से संबंधित श्रेणी के पट्टों और किराएदारी समझौतों पर वित्तीय बोझ कम हो सकता है। इससे संपत्ति के वैध उपयोग और संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया। उप जेल वार्डन की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले पूर्व अग्निवीरों को राज्य की जेल प्रशासन व्यवस्था में रोजगार का अवसर मिल सकेगा। सरकार का यह फैसला अग्निवीरों के भविष्य को लेकर चल रही नीतिगत पहलों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
कैबिनेट के 23 फैसलों में अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है। एक ओर जहां चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस वे और स्मार्ट स्कूल जैसी परियोजनाएं बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में हैं, वहीं किसानों के लिए रियायती ऋण और पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए भत्ता व कैशलेस चिकित्सा जैसी योजनाएं सीधे तौर पर आम लोगों को राहत देने से जुड़ी हैं। खिलौना विनिर्माण नीति रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जबकि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का फैसला युवाओं के रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार ने एक ही बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और औद्योगिक विकास जैसे कई क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। चित्रकूट से लेकर अयोध्या और गांव के किसान से लेकर सरकारी व्यवस्था में योगदान देने वाले पीआरडी स्वयंसेवकों तक, फैसलों का दायरा व्यापक है। आने वाले समय में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और सरकारी सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
15 Sept 2026 08:24 pm
Published on:
15 Sept 2026 08:24 pm
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