ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया धार्मिक नेता और अनुयायी अमेरिका और इजरायल को दोषी मान रहे हैं।
Iran Israel War: ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया नेता भड़क गए हैं। अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में 28 फरवरी 2026 को उनकी मौत हुई। ईरानी मीडिया ने 1 मार्च को इसकी पुष्टि की। खामेनेई 86 साल के थे और अपने दफ्तर में काम कर रहे थे जब हमला हुआ। ईरान ने इसे शहादत बताया और 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस घटना से मध्य पूर्व में तनाव बहुत बढ़ गया है।
शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने खामेनेई की मौत पर कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कल इजरायल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे आतंकी हमला कहा जा रहा है। आज इसने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है। दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इजरायल कैसे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और दहशत फैला रहे हैं। खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे। कोई नहीं जानता कि यह झगड़ा कहां ले जाएगा, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा। अन्य शिया नेताओं ने भी अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया। उन्होंने इसे धोखे की हत्या बताया और बदले की बात की।
लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। वे खामेनेई की मौत का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। पुराने इलाकों में बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा के आसपास पुलिस ने सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी है। पुलिस अलर्ट मोड पर है ताकि कोई समस्या न हो। शिया समुदाय खामेनेई को मजलूमों का साथी मानता है। उनकी मौत से लोग बहुत दुखी और गुस्से में हैं। कुछ जगहों पर शोक सभा और कैंडल मार्च भी हो रहे हैं।