लखनऊ

भारत में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग पर भड़के मौलाना, बोले- देश संविधान के मुताबिक ही चलेगा

Islamic Law: मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून को लेकर दिए बयान पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश संविधान के मुताबिक चलेगा और पर्सनल लॉ भी संवैधानिक दायरे में है।
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Aug 29, 2026
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भारत में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग पर भड़के मौलाना। फोटो सोर्स-IANS

Islamic Law: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून को लेकर दिए गए बयान पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत संविधान के मुताबिक चलेगा और देश में इस तरह के बयानों के लिए कोई जगह नहीं है।

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपने धर्म और व्यक्तिगत कानून से जुड़े मामलों में आजादी हासिल है, लेकिन यह अधिकार संविधान के दायरे में ही है।

‘पर्सनल लॉ भी संविधान के दायरे तक सीमित’

खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि देश अपने संविधान के मुताबिक ही चलेगा। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी इबादत और पर्सनल लॉ की सीमा तक अपने धार्मिक नियमों का पालन करने की आजादी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि पर्सनल लॉ की अपनी सीमाएं हैं और वे संविधान के दायरे में ही लागू होते हैं। इसी वजह से इस तरह के बयानों की देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

अपराध रोकने के लिए देश में पर्याप्त कानून: खालिद रशीद

मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि देश में बलात्कार जैसे अपराधों को रोकने के लिए पहले से पर्याप्त कानून मौजूद हैं। उनके मुताबिक, जरूरत इस बात की है कि धार्मिक नेता समाज में मौजूद बुराइयों को दूर करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा। समाज में लोगों की सही शिक्षा और परवरिश पर भी ध्यान देना जरूरी है।

‘सही तालीम और तरबियत जरूरी’

खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि जब तक लोगों को सही तालीम और तरबियत नहीं मिलेगी, तब तक इस तरह के अपराध होते रहने की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने धार्मिक नेताओं से भी समाज में सुधार लाने और लोगों को सही दिशा दिखाने की कोशिश करने की अपील की।

क्या कहा था मौलाना साजिद रशीदी ने?

इससे पहले शुक्रवार को ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने देश में अपराध, बलात्कार और भ्रष्टाचार को लेकर इस्लामिक कानून लागू करने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया था कि जब तक देश में इस्लामिक कानून लागू नहीं होगा, तब तक बलात्कार, अपराध और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।

इस्लामिक देशों का दिया उदाहरण

साजिद रशीदी ने अपने बयान में इस्लामिक देशों का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां बलात्कार, चोरी और भ्रष्टाचार जैसी घटनाएं नहीं होतीं और लोग खुशहाल जीवन जी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत में इन कानूनों को लागू नहीं किया जाता क्योंकि लोगों को आशंका है कि ऐसा करने से इस्लामिक शरिया लागू हो सकती है।

बयान के बाद सामने आया विरोध

साजिद रशीदी के इस बयान के बाद मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि देश में कानून और शासन संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने पर्सनल लॉ की स्वतंत्रता को भी संविधान की सीमा के भीतर बताया। इस तरह इस्लामिक कानून और संविधान के दायरे को लेकर दोनों मौलानाओं के बयानों में अलग-अलग रुख सामने आया है।

Updated on:
29 Aug 2026 04:03 pm
Published on:
29 Aug 2026 04:03 pm