Autonomous Tractor: दुनिया की नाम कंपनी जॉन डियर ने एक ऐसा ट्रैक्टर बनाया है जो अपने आप चलेगा। इतना ही नहीं उसे प्रदेश के गांवों के उबड़ खाबड़ किसी भी तरह के रास्ते पर, कहीं पर भी डाल दीजिए ये अपना रास्ता खुद बना लेगा। आसपास की स्थितियों से तालमेल भी बिठा लेता है। इसे बार-बार निर्देश देने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
Autonomous Tractor: प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें जुताई बुआई में हो रही दिक्कतों का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल अब एक ऐसा ऑटोनोमस ट्रैक्टर (Autonomous Tractor) आने वाला है जो उनकी सारी समस्याओं को हल कर देगा। जी हां दुनिया की नाम कंपनी जॉन डियर ने एक ऐसा ट्रैक्टर बनाया है जो अपने आप चलेगा। इतना ही नहीं उसे प्रदेश के गांवों के उबड़ खाबड़ किसी भी तरह के रास्ते पर, कहीं पर भी डाल दीजिए ये अपना रास्ता खुद बना लेगा। आसपास की स्थितियों से तालमेल भी बिठा लेता है। इसे बार-बार निर्देश देने की जरूरत भी नहीं पड़ती। अपने आप ही निर्धारित क्षेत्र में खेत जोतने और बीजों की बुवाई का काम भी कर लेता है। इस दौरान अगर रास्ते में कोई बाधा आ जाए, तो उसे भी खुद ही हटाकर आगे बढ़ जाता है।
कंपनी ने अपने इस नए ऑटोनोमस ट्रैक्टर (Autonomous Tractor) का नाम फिलहाल 8आर रखा है। इस ट्रैक्टर में छह कैमरे लगे हैं और ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के पर काम करता है। किसान इस ट्रैक्टर को अपने स्मार्ट फोन से भी नियंत्रित कर सकते हैं। यानि वे इस ट्रैक्टर को अपने घर में बैठे-बैठे खेत में भेज सकते हैं, या खेत में काम करने के दौरान उसे किसी और काम के लिए बोल सकते हैं या फिर काम छोड़कर उसे वापस बुला सकते हैं।
आपको बता दें कि जॉन डियर (Deere and Company) वही कंपनी है जिसने 1837 में पहली बार हल का निर्माण किया था। इस ट्रैक्टर को तकनीकी के क्षेत्र में बड़ा कदम बताया जा रहा है, जो पूरी की पूरी पारंपरिक खेती को बदल कर रख देगा। ये ठीक उसी तरह है जैसे वर्षों पहले बैल की जगह ट्रैक्टर ने ली थी।