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Government launches massive campaign against pressure horn modified silencers:
शासन ने सड़कों पर बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और आमजन की परेशानी को देखते हुए प्रेशर हॉर्न तथा मॉडिफाई साइलेंसर के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शासन स्तर पर नए मानक तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को इनके प्रभावी अनुपालन के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि तय मानकों से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले प्रेशर हॉर्न और बुलेट समेत अन्य वाहनों में लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और परिवहन विभाग के लिए यह आदेश जारी किया गया है। जिसमें संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट लिखा है कि जांच अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान, साइलेंसर हटाने और जरूरत पड़ने पर वाहन सीज करने की कार्रवाई की जाए। यह अभियान बाजार, अस्पताल, स्कूल और रिहायशी मोहल्लों में विशेष रूप से चलाया जाए।
शासन के नए मानकों के अनुसार वाहन निर्माताओं को निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के अवैध संशोधन, तेज आवाज वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। आदेश में कहा गया है कि ऐसे उपकरण सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि नियमित प्रवर्तन अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। अभियान चलाकर आम लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए जिससे आम लोग नियमों का पालन करें। उत्तर प्रदेश सरकार के नए मानक से लोगों को काफी राहत मिलेगी। सख्ती बढ़ने और अभियान चलाने से प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
Updated on:
22 Apr 2026, 9:17 PM IST
Published on:
22 Apr 2026, 9:12 PM IST
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