
लू का प्रकोप तेज, IMD ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया (फोटो सोर्स : AI)
Severe Heat Wave Alert : उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात ऐसे हैं मानो धरती भट्टी की तरह धधक रही हो और आसमान से आग बरस रही हो। दिन चढ़ते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाहर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है। सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो गई है और बाजारों में भीड़ घट गई है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में भी गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती देना शुरू कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत की उम्मीद कम है और अगले कुछ दिन और कठिन हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल के गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, अमेठी, बांदा, फतेहपुर और रायबरेली जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। वहीं पश्चिमी यूपी के आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई और फर्रुखाबाद भी इस लू की चपेट में हैं। इन क्षेत्रों में 25 से 26 अप्रैल तक हीट वेव का प्रभाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।
इटावा जिले में हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ने लगे हैं, जिसके चलते इसे येलो जोन में रखा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की भी संभावना जताई है। अनुमान है कि 27 अप्रैल के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहाना हो सकता है। हालांकि यह राहत सीमित क्षेत्रों तक ही रहने की संभावना है और पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट आने में अभी समय लग सकता है।
उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य हिस्से भी इस समय भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और गोवा के कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पाएगी।
जहां एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत गर्मी से तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है। यह स्थिति देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के असंतुलन को दर्शाती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अप्रैल तक तापमान में धीरे-धीरे 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद 27 अप्रैल तक तापमान स्थिर रहने की संभावना है। लू की यह नई लहर 18 अप्रैल को हरियाणा से शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश तक फैल गई।
इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए विशेषज्ञों और प्रशासन ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
गर्मी का असर सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। मजदूर वर्ग और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों के समय में बदलाव किया जा रहा है और कई स्थानों पर दोपहर की गतिविधियों को सीमित किया जा रहा है।
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Published on:
23 Apr 2026 08:07 am
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