
Yogi Cabinet Decision JPNIC Private Companies: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इस सेंटर के संचालन को निजी कंपनियों के हाथों में देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
सरकार ने वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और रॉकवुड होटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड को JPNIC 30 साल की लीज पर देने की मंजूरी दी है। निजी हाथों में सौंपने की सहमति पहले ही हो चुकी थी, लेकिन संस्था का चयन बाकी था। अब इसे ‘जैसे है तैसे’ की शर्त पर निजी कंपनियों को सौंपा गया है।
अब सेंटर का पूरा संचालन इन निजी कंपनियों की जिम्मेदारी होगी। मरम्मत, रखरखाव और अन्य जरूरी काम भी वे ही करेंगी। लंबे समय से बंद पड़े इस बड़े परिसर को दोबारा शुरू करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को खुद संचालन नहीं करना पड़ेगा।
JPNIC का निर्माण वर्ष 2013 में करीब 265.58 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था। बाद में लागत बढ़कर 864.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। अखिलेश यादव ने 2017 में इसका उद्घाटन किया था, हालांकि तब सेंटर पूरी तरह तैयार नहीं था। इसके बाद यह लंबे समय तक बंद पड़ा रहा।
लंबे समय तक बंद रहने का असर यहां लगे उपकरणों पर पड़ा। विद्युत और आधुनिक उपकरणों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जाती है, जिनमें विदेशी और महंगे उपकरण शामिल हैं। कई उपकरण खराब हो गए हैं।
परिसर में बना अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल भी लंबे समय से बंद है। पूल में काई जम गई है और खिलाड़ियों के बैठने के रैंप की विदेशी लकड़ी गायब हो चुकी है। कई जगह टाइल्स टूट गई हैं तथा लोहे और एल्युमिनियम के पोल में जंग लग गई है।
इस फैसले को लेकर अभी समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार का यह कदम लंबे समय से निष्क्रिय पड़े प्रोजेक्ट को फिर से सक्रिय करने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है।