25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘निजीकरण ही भाजपा का जुगाड़ है”, JPNIC को लीज पर देने के फैसले पर भड़के अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav JPNIC: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को निजी हाथों में सौंपे जाने के योगी सरकार के फैसले पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला है।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aman Pandey

Aug 25, 2026

akhilesh yadav jpnic privatization yogi government

Jai Prakash Narayan International Centre: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी को निजी कंपनियों को 30 साल की लीज पर सौंपने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर अब रॉकवुड होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधीन 30 वर्षों के लिए संचालित होगा।

सपा सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में संग्रहालय, सभागार, खेल परिसर और बहुस्तरीय पार्किंग जैसी कई सुविधाएं प्रस्तावित की गई थीं। लंबे समय से इसके संचालन और अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी पर विचार चल रहा था, जिस पर अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद अमल का रास्ता साफ हो गया है।

अखिलेश का सोशल मीडिया पर तीखा वार

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट के जरिए योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि यह सवाल उठता है कि भाजपा सरकार चला रही है या दुकान। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने लखनऊ के जेपीएनआईसी को निजी हाथों में सौंपने का फैसला कैबिनेट में पारित कर दिया है, और अब सरकार के पास खुद को ठेके पर देने या बेचने के अलावा कुछ बचा नहीं है।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आगे भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लिखा कि 'कमीशन' भाजपा सरकार की गाड़ी चलाने के लिए तेल-पानी की तरह है, जबकि 'निजीकरण' उसका जुगाड़ है।

सपा के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर उठे सवाल

गौरतलब है कि जेपीएनआईसी सपा सरकार के दौरान शुरू किया गया एक बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट था, जिसे अखिलेश यादव अपने कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनाते रहे हैं। ऐसे में इसके निजीकरण के फैसले को लेकर सपा और भाजपा के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं। विपक्ष इसे सरकारी संपत्तियों के निजीकरण की एक और कड़ी के रूप में देख रहा है, वहीं सरकार इसे प्रोजेक्ट को पूरा करने और बेहतर संचालन की दिशा में जरूरी कदम बता रही है।