25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये हुआ

Yogi Cabinet Decision: योगी कैबिनेट ने MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके साथ ही यूपी में हर श्रमिक को नियुक्ति पत्र देना और सालाना मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण कराना भी अनिवार्य होगा।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aman Pandey

Aug 25, 2026

CM Yogi

सीएम योगी (ANI Photo)

UP Intern Doctor Stipend Hike: उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के मासिक स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस अहम प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई, जिसके तहत अब इंटर्न डॉक्टरों को 12 हजार रुपये के बजाय 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा।

हर महीने मिलेंगे 13 हजार रुपये अतिरिक्त

कैबिनेट की बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को सीधा और बड़ा फायदा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर इंटर्न डॉक्टर को हर महीने 13 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे पहले डिप्टी सीएम ने इंटर्नशिप की अवधि दो दिन बढ़ाने का भी भरोसा दिलाया था। उन्होंने प्रदेश के सभी एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

पहले साढ़े सात हजार रुपये मिलता था स्टाइपेंड

गौरतलब है कि इंटर्न डॉक्टरों को पहले महज 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड के रूप में मिलते थे। वर्ष 2021 में सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह किया था। अब एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने इसे सीधे 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस तरह मौजूदा स्टाइपेंड की तुलना में यह बढ़ोतरी 108 प्रतिशत से भी अधिक है, जबकि 2021 के मुकाबले देखा जाए तो इंटर्न डॉक्टरों को अब हर महीने 13 हजार रुपये ज्यादा मिलेंगे।

अस्पतालों की रीढ़ माने जाते हैं इंटर्न डॉक्टर

रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान एमबीबीएस और बीडीएस के छात्र अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। मरीजों की देखभाल से लेकर ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाओं और रात्रिकालीन ड्यूटी तक, हर मोर्चे पर इनकी सेवाएं ली जाती हैं। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्थित अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यही वजह है कि इन्हें राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की एक अहम कड़ी माना जाता है।

श्रमिकों को भी मिलेगा बड़ा तोहफा, अनिवार्य होगा नियुक्ति पत्र

इसी कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों के हित में भी एक बड़ा फैसला लिया है। कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में अब व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता-2020 तथा उत्तर प्रदेश व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता नियमावली-2026 के तहत सभी नियोक्ताओं के लिए अपने कर्मकारों और श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, हर साल नियोक्ता के खर्च पर श्रमिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। श्रम विभाग द्वारा प्रस्तुत उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा नियमावली-2026 के प्रख्यापन से जुड़े इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।