सीएम कमलनाथ की यूपी व बिहार के प्रति विचारधारा से सपा-बसपा के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो ने कांग्रेस को समर्थन देकर मध्यप्रदेश में उसकी सरकार तो बना दी, लेकिन सीएम कमलनाथ की यूपी व बिहार के प्रति विचारधारा से दोनों पार्टियों के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद कमलनाथ के बयान ने सियासी भूचाल ला दिया है। वो यूपी और बिहार के लोगों की अपेक्षा अपने राज्य के युवाओं को नौकरी में ज्यादा तवज्जों देना चाहते हैं। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश के लोग बेरोज़गार रह जाते हैं, जबकि यूपी-बिहार के लोग नौकरियां ले जाते हैं। उनके इस बयान से यूपी के लोग नाराज हैं और सत्ता पक्ष व अन्य दल उनकी आलोचना कर रहा है। वहीं अखिलेश-मायावती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर तो यह भी चर्चा है कि क्या अखिलेश-मायावती कमलनाथ के ऐसे बयान के बाद अपना-अपना समर्थन वापस लेंगे या सिर्फ इसे गलत बताकर चुप्पी साध लेगें। बहरहाल बसपा सुप्रीमो मायावती का तो नहीं, लेकिन अखिलेश ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा एमपी की नौकरियों में 70 फ़ीसदी स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के बयान की आलोचना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह गलत है। श्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश से पहले महाराष्ट्र में भी नौकरी और रोजगार करने वाले दूसरे प्रांत के लोगों को भगाया जा रहा था। दिल्ली से भी इसी तरह की आवाज आ रही थी। इस तरह की बात गलत है।
किसानों का पूरा कर्ज होगा माफ- अखिलेश
यही नहीं, अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी के फैसले पर भी बड़ा बयान दिया और कहा कि अभी तो सरकार ने 2 लाख रुपए तक के कर्जे की माफी की है। लेकिन समाजवादियों को जब कभी मौका मिलेगा तो हम किसानों का पूरा कर्ज माफ करेंगे।