लखनऊ

Kanwar Yatra 2024: कांवड़ यात्रा के लिए सरकार का बड़ा कदम, UP के 3 जिले में काटे जाएंगे 33 हजार से ज्यादा पेड़

Kanwar Yatra 2024: कांवड़ यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 33,000 से ज्यादा पेड़ों को काटने की बात कही है।

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Jun 01, 2024
Kanwar Yatra 2024

Kanwar Yatra 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सूचित किया है कि 111 किलोमीटर लंबी कांवड़ मार्ग परियोजना के लिए 33,000 से ज्यादा पेड़ों को काटने की जरूरत होगी, जो गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर तक फैला हुआ है। प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सदस्यों अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ ए सेंथिल वेल के साथ एनजीटी ने राज्य सरकार से अधिक जानकारी मांगी है, जिसकी अगली सुनवाई 8 जुलाई को होनी है।

पर्यावरण मंत्रालय ने दी 1.1 लाख पेड़-पौधों को काटने की अनुमति

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इन तीन जिलों में 1.1 लाख पेड़-पौधों को काटने की अनुमति दी थी। इस आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए, ट्रिब्यूनल ने प्रमुख वन संरक्षक, लोक निर्माण विभाग और गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेटों सहित विभिन्न विभागों से काटे जाने वाले पेड़ों का विस्तृत ब्यौरा देने का अनुरोध किया है।

सरकार ने एनजीटी को बताया है कि वह हरिद्वार में गंगा से जल लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों में लौटने वाले करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं के लिए कांवड़ मार्ग बनाना चाहती है। यह मार्ग आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए 'बहुत भीड़भाड़ वाली' श्रेणी में आता है। इस मार्ग पर मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के तीन जिलों के कुल 54 गांव आते हैं। श्रावण के महीने में यातायात में काफी व्यवधान होता है, इसलिए निर्माण कार्य में बाधक बनने वाले 33 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटा जाना है।

काटे जाने वाले पेड़ों के बदले 1.5 करोड़ रुपए जमा किए गए

हालांकि, ग्रीन कोर्ट ने पहले के आदेश में ‘पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे’ उठाए थे। सरकार की ओर से बताया गया, "राज्य सरकार ने ललितपुर जिले में वनरोपण के लिए 222 हेक्टेयर भूमि की पहचान की है। काटे जाने वाले पेड़ों के बदले प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) को 1.5 करोड़ रुपए भी जमा किए गए हैं।”

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