केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन 28 महीने बाद रिहा हुए हैं। जेल से बाहर निकलते ही वह अपने परिवार से मिले।
केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को जेल से रिहा कर दिया गया है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को वो लखनऊ जेल से बाहर आ गए। सिद्दीकी कप्पन को 28 महीने जेल में बिताने के बाद जमानत मिली है।
सिद्दीकी कप्पन जेल से बाहर निकले तो उनके कुछ साथी और परिवार के लोग उनके इंतजार में पहले ही खड़े थे। जेल के बाहर उन्होंने कहा,“मैं 28 महीने बाद जेल से बाहर आया हूं। मैं खुश हूं। इस दौरान मुझे मीडिया का भी काफी सपोर्ट मिला है।”
मेरे पास कुछ नहीं था मुझे फंसाया गया: कप्पन
कप्पन से जब पूछा गया कि आप हाथरस क्यों गए थे? कप्पन ने कहा, “मैं वहां रिपोर्टिंग करने गया था। मेरे पास कुछ नहीं था। मेरे पास बस एक लैपटॉप और मेरा मोबाइल था। मेरे साथ जो मेरे साथी थे उनके पास भी कुछ नहीं था सिर्फ दो पेन और एक नोटपैड था।”
2020 में किया गया था सिद्दीकी कप्पन का अरेस्ट
सिद्दीकी कप्पन को यूपी पुलिस ने 8 अक्टूबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी इस समय हुई जब वह हाथरस में अनुसूचित जाति की 20 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप और उसकी मौत की रिपोर्टिंग करने के लिए जा रहे थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिद्दीकी कप्पन पर देशद्रोह और कड़े आतंकवाद विरोधी कानून UAPA यानी Unlawful Activities Prevention Act के तहत मामला दर्ज किया था। 2022 फरवरी में ED यानी प्रवर्तन निदेशालय न उनके खिलाफ PFI यानी पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया से पैसा मिलने का आरोप लगाते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया था