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पंचायत चुनाव से पहले बड़ी खबर! बढ़ सकता है ग्राम प्रधानों का कार्यकाल? क्या बोले मंत्री ओपी राजभर

Panchayat Chunav Update: पंचायत चुनाव से पहले बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने पर सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Apr 25, 2026

panchayat chunav update up election postponed gram pradhan potentially becoming administrators

पंचायत चुनाव से पहले बड़ी खबर! फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को लेकर जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार प्रशासक समिति के जरिए ग्राम पंचायतों का संचालन जारी रखने के विकल्प पर विचार कर रही है।

ग्राम प्रधानों का 5 साल का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन पंचायत चुनाव समय पर कराना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में सरकार वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर सकती है।

समय पर चुनाव कराना क्यों मुश्किल?

बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव समय पर ना कराने की सबसे बड़ी वजह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन ना होना है। इसके अलावा मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। इन परिस्थितियों में तय समय पर पंचायत चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है। इसी वजह से सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर मंथन कर रही है, जिससे ग्राम पंचायतों का कामकाज प्रभावित ना हो।

प्रशासक समिति के जरिए चल सकती हैं ग्राम पंचायतें

पंचायती राज विभाग के नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाया जा सकता है, जो चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों के कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। हालांकि इस बार सिर्फ प्रशासक नियुक्त करने के बजाय प्रशासक समिति बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस समिति में ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य जैसे जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जा सकता है, ताकि स्थानीय स्तर पर कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे।

पहली बार लागू हो सकती है यह व्यवस्था

बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात में पहली बार प्रशासक समिति को जिम्मेदारी सौंपने के मॉडल पर गंभीरता से विचार हो रहा है। चर्चा है कि इस समिति का अध्यक्ष मौजूदा ग्राम प्रधान को बनाया जा सकता है, जिससे प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो पंचायत चुनाव होने तक गांवों में विकास और प्रशासनिक कामकाज इसी व्यवस्था के तहत चलते रहेंगे।

पंचायती राज मंत्री ने क्या कहा?

ओम प्रकाश राजभर ने इस मुद्दे पर कहा कि आगे की कार्रवाई पंचायती राज एक्ट और अदालत के रुख के अनुसार तय की जाएगी।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल की समाप्ति नजदीक आने के साथ ही लाखों जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है। अगर चुनाव टलते हैं और प्रशासक समिति को जिम्मेदारी मिलती है, तो यह पंचायत व्यवस्था में एक नई व्यवस्था के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे में प्रधानों का कार्यकाल बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार स्तर पर मंथन जारी है और माना जा रहा है कि जल्द इस पर औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है।