
Aditi Yadav Social Media Controversy : अखिलेश यादव ने बेटी अदिति यादव पर अभद्र टिप्पणी को लेकर दिया जवाब, PC- ANI
लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और पोस्टों के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर परिवार की महिलाओं और बेटियों को निशाना बनाना ठीक नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग राजनीतिक बहस में जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या भाजपा के लोगों के घर-परिवार नहीं हैं? क्या राजनीति के लिए किसी की बेटी और परिवार पर कीचड़ उछालना उचित है? अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार नहीं है तो क्या वह किसी के परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे। सीएम अब तक चुप क्यों हैं? कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया। इस संबंध में समाजवादी पार्टी की ओर से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई थी। पहले भी अदिति यादव के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और आपत्तिजनक पोस्टों को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें पुलिस कार्रवाई भी हुई थी।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल के नेता या उनके परिवार को निशाना बनाया जाता है तो प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश की साइबर अपराध शाखा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति या परिवार पर हमला नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत चरित्र हनन की कोशिश है। पार्टी ने मांग की है कि फर्जी पोस्ट और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर सपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि, अब तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले लोग किसी राजनीतिक दल से सीधे जुड़े थे।
फिलहाल मामला पुलिस और साइबर जांच एजेंसियों के दायरे में है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आपत्तिजनक पोस्ट किसने बनाई और उसके पीछे क्या मंशा थी।
Updated on:
10 Jun 2026 08:24 pm
Published on:
10 Jun 2026 08:23 pm
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