लखनऊ

उन्नाव गैंगरेप: केजीएमयू ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन, पीड़िता की हालत पर दिया बड़ा बयान

- सीबीआई ने सेंगर समेत 25 लोगों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर- चाचा ने किया अंतिम संस्कार- सीबीआई ने घटनास्थल पर की जांच  

2 min read
Jul 31, 2019
Unnao Gangrape

लखनऊ. रविवार को रायबरेली में हुई उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता की सड़क दुर्घटना की सच्चाई जानने के लिए सीबीआई (CBI) ने बुधवार को जांच शुरू कर दी। सड़क हादसे की जांच की आंच दोबारा भाजपा (BJP) से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) तक पहुंची है और जांच एजेंसी ने उनके साथ 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके अलावा 10-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त बुधवार को सीबीआई ने घटना स्थल पर जाकर जांच पड़ताल भी शुरू कर दी। इस बीच रेप पीड़िता के चाचा ने एक दिन से पेरोल मिलने के बाद जेल से निकल सड़क हादसे का शिकार हुईं अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार किया। वहीं पीड़िता की हालत में ज्यादा सुधार होता नहीं दिख रहा है।

पीडि़ता की हालत में बहुत थोड़ा सा सुधार-
वहीं शाम को केजीएमयू अस्पताल से जारी हुए मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि पीड़िता अभी भी वेंटीलेटर पर है जबकि उसके वकील को आज भी कुछ देर के लिए वेंटीलेटर से हटाकर देखा गया। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि पीड़िता के शरीर में कई जगह हड्डियां टूटी हैं, साथ ही सीने में भी चोट है। आज पीड़िता की हालत में बहुत थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन अभी इसे संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। पीड़िता को अभी तक होश नहीं आया है।'' उन्होंने बताया कि पीड़िता का कल सीटी स्कैन कराया गया था लेकिन सिर में कोई चोट फिलहाल नजर नहीं आई थी। लेकिन इसके बावजूद सिर में जख्म से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि बहुत सी सिर की चोटें सीटी स्कैन में नजर नहीं आतीं।

इन लोगों पर केस दर्ज-
बुधवार को सीबीआई ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है उनमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, साथ ही विनोद मिश्रा, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह, वकील अवधेश सिंह का नाम शामिल हैं। इनमें अरूण उन्नाव अरुण सिंह योगी सरकार में मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के दामाद बताए जा रहे हैं। हालांकि उनका नाम सीबीआई द्वारा दर्ज पहले एफआईआर में नहीं है।

जांच शुरू-
मुकदमा दर्ज होने के बाद बिना देरी के सीबीआइ ने सड़क हादसे के स्थल पर जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मामले की पड़ताल कर रही एक एसआइटी टीम भी इस दौरान मौके पर मौजूद रही। एडिशनल पुलिस अधीक्षक शशी शेखर सहित एसआइटी में नामित सीओ भी दुर्घटनास्थल पर सीबीआइ टीम के साथ मौजूद रहे। अब सीबीआइ जल्द परिवारीजन के बयान दर्ज करेगी।

Published on:
31 Jul 2019 09:00 pm
Also Read
View All