
शिक्षामित्रों को राहत, सोलर प्रोजेक्ट और नए बस अड्डों को मंजूरी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Cabinet Clears 22 Key Proposals: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 22 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी गई। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के शिक्षा, परिवहन, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में वर्ष 2016 में पारित एक प्रस्ताव से जुड़े विवाद को समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया। बताया गया कि उस प्रस्ताव में कुछ कानूनी विरोधाभास (कंट्राडिक्शन) था, जो आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 2 और अधिनियम की धारा 11 के बीच टकराव पैदा कर रहा था। इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए दिसंबर 2025 में प्रस्ताव को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसे अब कैबिनेट ने औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश को सोलर ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में एक बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है। इस परियोजना से प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कैबिनेट ने लखीमपुर और पीलीभीत जिलों में बड़ी संख्या में लोगों को भूमि स्वामित्व अधिकार देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत एक एकड़ तक की असंक्रमित भूमि का स्वामित्व प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार मिलेंगे और भूमि विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
परिवहन क्षेत्र में सुधार के लिए कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे पहले पहले चरण में 23 बस अड्डों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब कुल मिलाकर 52 जिलों को इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। खास बात यह है कि इन बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और इन्हें एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
कैबिनेट ने कई जिलों में बस अड्डों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी:
बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े प्रस्तावों में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में कार्यरत 1,42,929 शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी और इसका भुगतान मई माह में किया जाएगा। इसके अलावा, लगभग 30 हजार शिक्षामित्रों के अतिरिक्त व्यय भार को राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 13,769 विद्यालयों के अंतर्गत लगभग 24,716 अंशकालिक अनुदेशकों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। उनका मानदेय भी 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ लागू किया जाएगा। सरकार इस निर्णय पर लगभग 217 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त व्यय वहन करेगी।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, परिवहन सुविधाओं का आधुनिकीकरण और शिक्षा क्षेत्र में सुधार जैसे निर्णय सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
Published on:
07 Apr 2026 12:51 pm
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