Lone Wolf Attack- गोरखनाथ मंदिर में पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले मुर्तजा ने एटीएस को बताया कि वह 'लोन वुल्फ अटैक' के वीडियो देखा करता था। इसी वीडियो से प्रेरणा लेते हुए उसने वारदात को अंजाम दिया था।
गोरखनाथ मंदिर में पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले मुर्तजा अब्बास के लैपटॉप से लोन वुल्फ अटैक से जुड़े तमाम वीडियो मिले हैं। एटीएस से पूछताछ में उसने बताया कि वह अक्सर अकेले में लोन वुल्फ अटैक के वीडियो देखता था और इसी तरह के हमले की ताक में था। दरअसल, दुनिया में दहशत फैलाने का नया तरीका है वुल्फ लोन अटैक। इसे आतंकी संगठन किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए अपनाते हैं। अकेले किए जाने वाले इस अटैक में कई बार आतंकी को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। आसान शब्दों में कहें तो इस अटैक में हमलावर या तो खुद को खत्म कर लेते हैं या फिर एनकाउंटर में पुलिस के हाथों मारे जाते हैं। इसमें हमलावर का पता लगा पाना मुश्किल होता है।
कौन करता है लोन वुल्फ अटैक
लोन वुल्फ अटैक अधिकतर स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया के आतंकी करते हैं। हमलावर इंटरनेट या फिर किसी अन्य माध्यम के जरिए आतंकी संगठन से जुड़ा रहता है। इस अटैक में एक अकेला शख्स ही पूरे वारदात को अंजाम देता है। लोन वुल्फ अटैक मॉड्यूल में बिना किसी टीम के अकेले ही घटना को अंजाम दिया जाता है. इसमें धारदार हथियार (चाकू या फिर अन्य) का ही प्रयोग किया जाता है। इस माड्यूल को लोन वुल्फ अटैक इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह भेडि़ए की तरह अकेले हमला करने की रणनीति होती है।
दहशत फैलाना था मकसद
मुर्तजा से पूछताछ में पता चला है कि लोन वुल्फ अटैक के पीछे उसका मकसद दहशत फैलाना था। उसे पता था कि गोरखनाथ मठ की सुरक्षा बेहद कड़ी है। शहर के बीचोबीच स्थित होने और भीड़भाड़ इलाके में होने के कारण यहां ग्रुप के साथ हमला करना मुश्किल था। इसलिए इस मॉडयूल को चुना गया और अकेले कम से कम दो-तीन पुलिसकर्मियों को मारते हुए मंदिर के भीतर घुसकर आतंक फैलाने की इसकी योजना था।